अजमेर सेंट्रल जेल से 1283 बार हुआ एक नंबर पर कॉल, वीडियो में जाने जुड़े बैंक खाते में 50 लाख का लेनदेन; नशे की गोलियों की सप्लाई का शक
अजमेर सेंट्रल जेल में नशे की गोलियों की सप्लाई और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़ा मामला सामने आया है। जेल प्रशासन की जांच में पता चला है कि जेल के अंदर से एक मोबाइल नंबर पर 1283 बार कॉल किए गए। खास बात यह है कि इस नंबर से जुड़े बैंक खाते में करीब 50 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है। एक बंदी की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने अपने स्तर पर जांच शुरू की, जिसमें यह पूरा मामला सामने आया।
मामले में जेल प्रहरी महिपाल मंगलोदा की रिपोर्ट पर 19 अगस्त को सिविल लाइंस थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है। FIR में करण सिंह, कमल, जयराम, शिवराज और धनराज के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी लोग पहले अजमेर सेंट्रल जेल में बंद रह चुके हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। अब पुलिस पूरे मामले में यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के भीतर से किए गए फोन कॉल और बैंक खाते में हुए लेनदेन के बीच क्या संबंध है।
जेल प्रशासन को एक बंदी की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान जेल से एक मोबाइल नंबर पर किए गए कॉल की जानकारी सामने आई। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि जेल से इस नंबर पर कुल 1283 बार कॉल किए गए थे। खास बात यह रही कि कई दिनों में लगातार इस नंबर पर संपर्क किया गया। एक दिन में न्यूनतम 3 और अधिकतम 29 बार तक कॉल किए जाने की जानकारी सामने आई है।जांच में यह मोबाइल नंबर श्रीनगर थाना क्षेत्र के कनाखेड़ी निवासी जयराम रावत के नाम से दर्ज मिला। इसके बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने इस नंबर से जुड़े बैंक खाते की जानकारी भी खंगाली। बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया कि 1 जनवरी 2024 से 20 अप्रैल 2026 के बीच खाते में कुल करीब 49 लाख 79 हजार 967 रुपए क्रेडिट हुए।
करीब 50 लाख रुपए के इस लेनदेन ने जांच को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खाते में इतनी बड़ी रकम किन लोगों की ओर से जमा कराई गई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। जेल से किए गए फोन कॉल का इन लेनदेन से कोई सीधा संबंध था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।मामले में नशे की गोलियों की सप्लाई से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की आपूर्ति कैसे होती थी और इसमें जेल के बाहर मौजूद लोगों की क्या भूमिका थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जेल में बंद रहने के दौरान आरोपी किस तरह मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे।
जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल से 1283 बार एक ही नंबर पर कॉल कैसे किए गए। जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में कॉल किए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अब कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी को जोड़कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।फिलहाल सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आए बैंक रिकॉर्ड और कॉल डिटेल को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि 49.79 लाख रुपए के लेनदेन में किन-किन लोगों के खाते जुड़े हैं और रकम के स्रोत क्या थे। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ जेल के भीतर और बाहर सक्रिय संभावित नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
