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उदयपुर में व्यापारिक रंजिश बनी खून-खराबे की वजह, दूध विक्रेता ने कराई सुपारी किलिंग की कोशिश

उदयपुर में व्यापारिक रंजिश बनी खून-खराबे की वजह, दूध विक्रेता ने कराई सुपारी किलिंग की कोशिश
 
उदयपुर में व्यापारिक रंजिश बनी खून-खराबे की वजह, दूध विक्रेता ने कराई सुपारी किलिंग की कोशिश

राजस्थान के उदयपुर जिले में दूध कारोबार से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां व्यापारिक प्रतिस्पर्धा ने एक व्यक्ति को हत्या की साजिश तक पहुंचा दिया। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एक दूध विक्रेता ने अपने ही प्रतिस्पर्धी को रास्ते से हटाने के लिए कथित रूप से 1 लाख रुपये की सुपारी देकर भाड़े के शूटरों को हायर किया था।

पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरा विवाद दूध सप्लाई के कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहक आधार को लेकर शुरू हुआ। पीड़ित दूध विक्रेता शंकर लाल की व्यापारिक स्थिति हाल के समय में काफी मजबूत हुई थी, जिससे उसका कारोबार तेजी से बढ़ रहा था और ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा था। इसी सफलता को लेकर उसके ही एक साथी व्यापारी लक्ष्मण सिंह के मन में जलन और असंतोष पैदा हो गया।

मुंबई से बुलाए गए शूटर

पुलिस के मुताबिक, लक्ष्मण सिंह ने इस रंजिश को खत्म करने के लिए खुद हमला करने के बजाय सुपारी किलिंग का रास्ता चुना। उसने अपने एक परिचित के माध्यम से मुंबई में मौजूद संपर्कों से भाड़े के अपराधियों को बुलाया। इसके लिए करीब 1 लाख रुपये की डील तय की गई और पीड़ित की पूरी रेकी भी करवाई गई, ताकि हमले को अंजाम दिया जा सके।

हमला और गंभीर घायल अवस्था

घटना 2 अप्रैल की सुबह की बताई जा रही है, जब शंकर लाल रोज की तरह दूध सप्लाई के लिए बाइक से निकले थे। इसी दौरान तीन हमलावरों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में शंकर लाल गंभीर रूप से घायल हो गए, और एक चाकू उनकी पीठ में फंस गया। हमलावर उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए।

हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बच सकी।

पुलिस की जांच और खुलासा

मामला शुरू में एक अज्ञात हमले के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच और लगभग 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर जांच को आगे बढ़ाया। लगातार जांच के बाद पुलिस को मुख्य साजिशकर्ता लक्ष्मण सिंह पर संदेह हुआ।

सख्त पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया, जिसमें सुपारी किलिंग की पूरी साजिश सामने आई। पुलिस ने लक्ष्मण सिंह और उसके सहयोगी टीकम चंद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुंबई से जुड़े संपर्क और तीनों हमलावर अभी फरार बताए जा रहे हैं।