Aapka Rajasthan

जयपुर में RTO कार्रवाई के विरोध में बस मालिक ने खुद पर डीजल डाला: फुटेज में देंखे बस जब्त होने से आहत होकर आत्मदाह की कोशिश, लोगों ने बचाई जान

जयपुर में RTO कार्रवाई के विरोध में बस मालिक ने खुद पर डीजल डाला: फुटेज में देंखे बस जब्त होने से आहत होकर आत्मदाह की कोशिश, लोगों ने बचाई जान
 
जयपुर में RTO कार्रवाई के विरोध में बस मालिक ने खुद पर डीजल डाला: फुटेज में देंखे बस जब्त होने से आहत होकर आत्मदाह की कोशिश, लोगों ने बचाई जान

राजधानी जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड के बाहर रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आरटीओ की कार्रवाई से नाराज एक बस मालिक ने खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों और कर्मचारियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना रविवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। उस समय परिवहन विभाग की उड़नदस्ता टीम स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही थी।

बस जब्त करने पर भड़के मालिक

जानकारी के अनुसार, आरटीओ की टीम ने ग्वालियर रूट पर चलने वाली एक निजी स्लीपर बस को कथित नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए जब्त करने की कार्रवाई शुरू की। बस के मालिक हाकिम सिंह चौधरी ने अधिकारियों से बस जब्त नहीं करने की अपील की।हाकिम सिंह का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया था कि यदि कोई नियम उल्लंघन हुआ है तो चालान कर दिया जाए, लेकिन बस जब्त न की जाए, क्योंकि उन्हें यात्रियों को लेकर गंतव्य तक जाना था।

'हाथ जोड़े, पैर पकड़े... लेकिन किसी ने नहीं सुनी'

बस मालिक ने आरोप लगाया कि उन्होंने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर भी गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उनका कहना है कि इसके बाद वह मानसिक रूप से टूट गए और गुस्से व निराशा में बस से डीजल निकालकर खुद पर डाल लिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने माचिस निकालकर आग लगाने की भी कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें रोक लिया और स्थिति को संभाल लिया।

61 साल की उम्र, हार्ट मरीज होने का दावा

घटना के बाद भावुक हुए हाकिम सिंह ने कहा कि उनकी उम्र 61 वर्ष है और वह हृदय रोग से पीड़ित हैं। उनके अनुसार, हर महीने दवाइयों पर 18 से 20 हजार रुपये खर्च होते हैं।उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह अपनी ही बस में कंडक्टर का काम करते हैं, ताकि किसी अन्य कर्मचारी को वेतन न देना पड़े और परिवार का खर्च चल सके।

RTO की कार्रवाई पर उठे सवाल

इस घटना के बाद परिवहन विभाग की कार्रवाई और निजी बस संचालकों की समस्याओं को लेकर बहस शुरू हो गई है। बस संचालकों का कहना है कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कार्रवाई के दौरान मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाया जाना चाहिए।वहीं, आरटीओ की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। विभाग यह स्पष्ट कर सकता है कि बस के खिलाफ किस आधार पर कार्रवाई की गई थी और क्या नियमों का उल्लंघन पाया गया था।

बड़ा हादसा टला

समय रहते लोगों के हस्तक्षेप से आत्मदाह की कोशिश विफल हो गई और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक भीड़ जमा रही।फिलहाल मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। घटना ने परिवहन विभाग की कार्रवाई और निजी बस संचालकों की आर्थिक चुनौतियों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।