Aapka Rajasthan

सलूंबर में दबंगई का मामला: 3 साल से परिवार का हक्का-पानी बंद, 50 हजार की “दंड” मांग पर जांच शुरू

सलूंबर में दबंगई का मामला: 3 साल से परिवार का हक्का-पानी बंद, 50 हजार की “दंड” मांग पर जांच शुरू
 
सलूंबर में दबंगई का मामला: 3 साल से परिवार का हक्का-पानी बंद, 50 हजार की “दंड” मांग पर जांच शुरू

राजस्थान के सलूंबर जिले के गींगला थाना क्षेत्र के जाम्बुडा गांव से सामाजिक कुरीतियों और दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के एक रसूखदार गुट ने एक परिवार का पिछले तीन वर्षों से सामाजिक बहिष्कार करते हुए उनका हक्का-पानी पूरी तरह बंद कर रखा है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें न तो सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने दिया जा रहा है और न ही गांव में सामान्य जीवन जीने दिया जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि परिवार को बुनियादी सामाजिक सहयोग से भी वंचित रखा गया है।

मामले को और अधिक चौंकाने वाला तब बताया जा रहा है जब यह सामने आया कि समाज में वापस शामिल करने के बदले पीड़ित परिवार से 50 हजार रुपये के “दंड” की मांग की जा रही है। इस दबाव और उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़ित ने अंततः न्यायालय का रुख किया।

अदालत में मामला पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और गींगला थाना पुलिस ने इस प्रकरण में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित सामाजिक बहिष्कार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और किस आधार पर इस तरह की अवैध वसूली की मांग की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में इसे सामाजिक दबाव और कुरीतियों से जुड़ा गंभीर मामला माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति या परिवार को इस तरह सामाजिक रूप से बहिष्कृत करना या आर्थिक दंड के लिए मजबूर करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।

गांव के इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज कर दी है। कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की परंपराएं समाज में असमानता और भय का माहौल पैदा करती हैं।

फिलहाल पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।