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BSF के सजे-धजे ऊंट और विदेशी पर्यटकों का जमावाड़ा, डेजर्ट फेस्टिवल के रंगों में रंगा रेगिस्तान

BSF के सजे-धजे ऊंट और विदेशी पर्यटकों का जमावाड़ा, डेजर्ट फेस्टिवल के रंगों में रंगा रेगिस्तान
 
BSF के सजे-धजे ऊंट और विदेशी पर्यटकों का जमावाड़ा, डेजर्ट फेस्टिवल के रंगों में रंगा रेगिस्तान

जैसलमेर में आज (30 जनवरी) से इंटरनेशनल रण महोत्सव 2026 शुरू हो गया है। सोनार किले में मौजूद नगर सेठ भगवान लक्ष्मीनाथ के दरबार में पूजा-अर्चना और आरती के साथ रण महोत्सव शुरू हुआ। लोक कलाकारों के साथ-साथ अधिकारी, उद्योगपति और देशी-विदेशी टूरिस्ट भी पहुंचे। जैसलमेर के पुराने राजघराने के सदस्य चैतन्यराज सिंह ने मंदिर में भगवान लक्ष्मीनाथ की पूजा की। टूरिज्म के महाकुंभ के तौर पर मशहूर यह सुनहरी नगरी इस "रण महोत्सव" के लिए टूरिज्म के रंगों से सराबोर है। इस साल फेस्टिवल की थीम "थ्रोट ऑफ थार" होगी।

ऐतिहासिक गड़ीसर झील से जुलूस शुरू
जुलूस भी ऐतिहासिक गड़ीसर झील से शुरू हुआ। जुलूस गुलस्तला रोड, आसनी रोड, सलाम सिंह हवेली और शहर के बीचों-बीच गोपा चौक से होते हुए मेन मार्केट और गांधी चौक से गुजरा। सजे-धजे BSF ऊंट और उसके सवार, BSF प्लेयर्स का ग्रुप, कैमल माउंटेन बैंड प्लेयर्स का ग्रुप, मंगल कलश लिए लड़कियां और लोक कलाकारों का जुलूस मेन रोड से होते हुए शहीद पूनम सिंह स्टेडियम पहुंचा। टूरिस्ट इस नज़ारे को कैमरे में कैद करने के लिए बेताब थे।

कच्छी घोड़ी डांस ने माहौल में जान डाल दी
फेस्टिवल के पहले दिन अंगी घेर ने शानदार डांस पेश किया। लोक कलाकारों के कच्छी घोड़ी डांस ने माहौल को संगीत से भर दिया। जुलूस में लोक नृत्य और लोक वाद्यों की लय और ताल के साथ-साथ राजस्थानी संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखी।

सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
फेस्टिवल के लिए सुरक्षा के भी कड़े इंतज़ाम हैं। रेंज से और पुलिस फोर्स बुलाई गई है। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। ट्रैफिक पुलिस भी ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर सख्त थी। पुलिस ने नगर परिषद के साथ मिलकर अलग से पार्किंग का इंतज़ाम किया है।