जीजा था मूल अभ्यर्थी, साला बना डमी; फोटो मॉर्फ कर दी सेकंड ग्रेड हिंदी भर्ती परीक्षा, 10 हजार का इनामी 2 साल बाद गिरफ्तार
सेकंड ग्रेड हिंदी शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि परीक्षा में मूल अभ्यर्थी की जगह उसके साले ने डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी। इसके लिए मूल अभ्यर्थी की फोटो को कथित तौर पर मॉर्फ कर दस्तावेजों में इस्तेमाल किया गया। मामले में करीब दो साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद भर्ती परीक्षा में नकल और फर्जी अभ्यर्थियों के जरिए चयन हासिल करने की कोशिश का मामला एक बार फिर सामने आया है। आरोपी से पूछताछ कर पूरे फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।
जीजा की जगह साला बना डमी
पुलिस के अनुसार, सेकंड ग्रेड हिंदी भर्ती परीक्षा में मूल अभ्यर्थी के स्थान पर उसके साले ने डमी अभ्यर्थी के तौर पर परीक्षा दी थी। आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में पहचान संबंधी दस्तावेजों और फोटो के साथ छेड़छाड़ की गई।
मूल अभ्यर्थी की फोटो को मॉर्फ कर ऐसा रूप दिया गया, जिससे डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया जा सके। जांच के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था।
दो साल से था फरार
मामले में आरोपी लंबे समय से फरार था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन वह करीब दो साल तक पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा।
आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस को उसकी गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
परीक्षा में फर्जीवाड़े की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फोटो मॉर्फ करने और डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाने की योजना किसने बनाई थी।
पुलिस यह भी पता कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में केवल जीजा-साले की भूमिका थी या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय था। परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस आरोपी के संपर्क में रहे लोगों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बैठाने और दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने जैसे मामलों पर पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इस मामले में भी आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ने पर परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।
