ब्रिटिश सांसद का बड़ा बयान: ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान को हराया, पीओके भारत को सौंपे पाकिस्तान
भारत–पाकिस्तान संबंधों और कश्मीर मुद्दे पर ब्रिटेन के एक सांसद के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ब्रिटिश सांसद ने खुलकर कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी और इस सच्चाई को दुनिया को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भारत के हवाले कर देना चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है।
ब्रिटिश सांसद ने भारत सरकार के अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने इसे एक साहसिक और दूरदर्शी निर्णय बताते हुए कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर में विकास, स्थिरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिली है। सांसद के मुताबिक, आर्टिकल 370 हटने के बाद कश्मीर अब देश की मुख्यधारा से पूरी तरह जुड़ पाया है, जो लंबे समय से जरूरी था।
अपने बयान में उन्होंने कश्मीर से विस्थापित कश्मीरी पंडितों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। ब्रिटिश सांसद ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के साथ दशकों पहले अन्याय हुआ और उन्हें अपने ही घरों से पलायन करने के लिए मजबूर किया गया। अब समय आ गया है कि उन्हें सुरक्षित माहौल में वापस कश्मीर में बसाया जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस दिशा में उठाए गए कदमों के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलना चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बोलते हुए सांसद ने कहा कि यह भारत की सैन्य और रणनीतिक क्षमता का प्रमाण था। उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। सांसद के मुताबिक, पाकिस्तान को अब पुराने रवैये को छोड़कर सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए और क्षेत्र में शांति के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
ब्रिटिश सांसद ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया छोड़ना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को पनाह देता रहा है, जिससे न केवल भारत बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की शांति प्रभावित हुई है। पीओके को भारत को सौंपना इस दिशा में एक सकारात्मक और निर्णायक कदम हो सकता है।
इस बयान के बाद भारत समर्थक विश्लेषकों ने इसे भारत की नीतियों के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन के तौर पर देखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी देशों के नेताओं द्वारा इस तरह के खुले बयान भारत की कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करते हैं। खासतौर पर कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर ब्रिटिश सांसद का यह रुख पाकिस्तान के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह के बयान भारत–पाकिस्तान संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
