रूस के खिलाफ यूक्रेन को ब्रिटेन का बड़ा हथियार सहयोग, वीडियो में देंखे कीव में बनेगी लंबी दूरी की SCALP मिसाइल
रूस के खिलाफ जारी जंग में यूक्रेन की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए ब्रिटेन ने बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। ब्रिटेन अब यूक्रेन के साथ अपनी गोपनीय मिसाइल तकनीक साझा करेगा। इस तकनीकी सहयोग के बाद यूक्रेन में ही लंबी दूरी की SCALP क्रूज मिसाइलों के निर्माण का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। ब्रिटेन में इसी मिसाइल को Storm Shadow के नाम से जाना जाता है।
मिसाइल तकनीक साझा करने का यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार जारी है और दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यूक्रेन लंबे समय से पश्चिमी देशों से आधुनिक हथियारों और सैन्य तकनीक की मांग करता रहा है। ब्रिटेन का यह फैसला कीव की सैन्य क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम सोमवार को अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत यूक्रेन पहुंचे। इसी दौरान ब्रिटेन की ओर से मिसाइल तकनीक साझा करने की घोषणा की गई। यह यात्रा ब्रिटिश प्रधानमंत्री के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अपने कार्यकाल की शुरुआत में यूक्रेन का दौरा करके उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्रिटेन के रुख और कीव के समर्थन को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है।
SCALP एक लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है, जिसका इस्तेमाल दुश्मन के महत्वपूर्ण और दूर स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। ब्रिटेन इसे Storm Shadow के नाम से इस्तेमाल करता है। अब तक ऐसी मिसाइलों की आपूर्ति पश्चिमी देशों से यूक्रेन को की जाती रही है। यदि यूक्रेन में इनके निर्माण की क्षमता विकसित होती है, तो उसे हथियारों की आपूर्ति के लिए बाहरी देशों पर निर्भरता कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।
यूक्रेन के लिए स्थानीय स्तर पर लंबी दूरी की मिसाइलों का निर्माण रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे युद्ध के दौरान हथियारों की उपलब्धता बढ़ाने और उत्पादन को जरूरत के मुताबिक तेज करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस तकनीक के हस्तांतरण और उत्पादन की प्रक्रिया में सुरक्षा, औद्योगिक क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता जैसी कई चुनौतियां भी सामने रहेंगी।
ब्रिटेन लंबे समय से रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन का प्रमुख समर्थक रहा है। ब्रिटेन की ओर से पहले भी यूक्रेन को हथियार, सैन्य सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है। अब मिसाइल निर्माण से जुड़ी तकनीक साझा करने का फैसला दोनों देशों के सैन्य सहयोग को एक नए स्तर पर ले जा सकता है।
वहीं, इस फैसले पर रूस की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। यूक्रेन की धरती पर लंबी दूरी की मिसाइलों के निर्माण की क्षमता विकसित होने से रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा सकती है। फिलहाल ब्रिटेन के इस ऐलान को यूक्रेन की रक्षा क्षमता मजबूत करने और युद्ध में उसे रणनीतिक बढ़त देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
