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राजस्थान हाईकोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, वीडियो में जाने 11वीं बार मिला फर्जी ई-मेल

राजस्थान हाईकोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, वीडियो में जाने 11वीं बार मिला फर्जी ई-मेल
 
राजस्थान हाईकोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, वीडियो में जाने 11वीं बार मिला फर्जी ई-मेल

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ को बुधवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी भरा ई-मेल जयपुर कोर्ट, जजों और स्टाफ के नाम भेजा गया। मेल में लिखा था कि “हाईकोर्ट को सुबह 11 बजे तक खाली कर दिया जाए, दोपहर 1:30 बजे परिसर में 18 बम धमाके होंगे।”

धमकी मिलते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एंटी-टेरर यूनिट और खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गईं। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।

सुरक्षा एजेंसियों ने कोर्ट रूम, जजों के चैंबर, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग एरिया और सार्वजनिक स्थानों सहित पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। करीब कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान हर कोने की बारीकी से जांच की गई। हालांकि तलाशी के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में यह धमकी भी फर्जी प्रतीत हो रही है।

सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए अदालत की कार्यवाही प्रभावित रही। कई मामलों की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी और वकीलों तथा वादियों को एहतियातन परिसर से बाहर जाने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर सेल को लगाया गया है और आईपी एड्रेस तथा सर्वर डिटेल्स की जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट जयपुर पीठ को पिछले साल 31 अक्टूबर से अब तक कुल 11 बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। हर बार गहन तलाशी के बाद धमकियां फर्जी साबित हुई हैं। बावजूद इसके, हर बार न्यायालय की कार्यवाही कुछ घंटों के लिए बाधित हो जाती है और प्रशासन को भारी सुरक्षा इंतजाम करने पड़ते हैं।

लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालत परिसर संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए किसी भी प्रकार की सूचना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एहतियात के तौर पर प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच, पहचान पत्र की अनिवार्यता और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

वकीलों ने भी लगातार मिल रही धमकियों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं और आम लोगों में भय का माहौल पैदा करती हैं। उन्होंने दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस और साइबर विशेषज्ञ ई-मेल की तकनीकी जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि शरारती तत्वों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

लगातार मिल रही धमकियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।