शव 3 दिन से मॉर्च्युरी में, मुआवजे को लेकर परिजनों का धरना; 50 लाख की मांग, प्रशासन ने 2 लाख का प्रस्ताव दिया
एक युवक की मौत के बाद उसका शव पिछले तीन दिनों से मॉर्च्युरी में रखा हुआ है। परिजन और समाज के लोग मुआवजे की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे हैं। परिवार ने 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और अन्य मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। वहीं प्रशासन की ओर से 2 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा गया है। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है।
परिजनों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और मृतक की मौत से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसी वजह से वे प्रशासन से अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
तीन दिन से मॉर्च्युरी में रखा शव
मृतक की मौत के बाद शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया था। तीन दिन बीत जाने के बावजूद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा।
धरने में परिवार के साथ समाज के लोग भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल बातचीत कर मामले का समाधान निकालने की मांग की है।
50 लाख रुपये मुआवजे की मांग
परिजनों ने प्रशासन के सामने 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी है। उनका कहना है कि मृतक परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा था। उसकी मौत के बाद परिवार को आर्थिक नुकसान के साथ भविष्य की चिंता भी सता रही है।
परिजनों ने यह भी कहा कि समाज की ओर से परिवार की मदद के लिए पहले ही करीब साढ़े तीन लाख रुपये दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद परिवार की जरूरतों को देखते हुए उन्हें प्रशासन से पर्याप्त आर्थिक सहायता की उम्मीद है।
प्रशासन ने 2 लाख का प्रस्ताव दिया
मामले में प्रशासन की ओर से 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, परिजन इस राशि से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि उनकी मांग के मुकाबले यह रकम काफी कम है।
मुआवजे की राशि को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई है। प्रशासन की ओर से परिजनों को समझाने और धरना खत्म कराने का प्रयास किया जा रहा है।
अंतिम संस्कार को लेकर गतिरोध
मुआवजे की मांग पर सहमति नहीं बनने के कारण शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। अस्पताल के बाहर परिजन और समाज के लोग लगातार धरने पर बैठे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर दोनों पक्षों के बीच कब सहमति बनती है और शव का अंतिम संस्कार हो पाता है।
