बीजेपी किसी एक व्यक्ति या परिवार की नहीं, वीडियो में देखें बीएल संतोष बोले -पुराने लोग नए लोगों को स्वीकार करें
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने पार्टी संगठन को लेकर बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी एक व्यक्ति या परिवार की पार्टी नहीं है, बल्कि यह कार्यकर्ताओं की पार्टी है। संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए नए लोगों को आगे आने का अवसर देना जरूरी है और उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए। नए कार्यकर्ताओं के जुड़ने से पार्टी में नयापन आता है और संगठन को नई ऊर्जा मिलती है।
बीएल संतोष शनिवार को जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित भाजपा की प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं को नए लोगों को स्वीकार करना चाहिए। पुराने लोगों का अनुभव और नए लोगों का जोश—दोनों मिलकर ही संगठन को आगे बढ़ा सकते हैं।
संतोष ने कहा कि पार्टी के भीतर आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। किस तरह से मिलकर काम किया जाए, आपसी मतभेदों को कैसे दूर किया जाए और संगठन के लक्ष्यों को कैसे हासिल किया जाए—इन सभी बातों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने दो टूक कहा कि संगठन में अनुशासन और संवाद बनाए रखना ही सफलता की कुंजी है।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए बीएल संतोष ने प्रवास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जितना हो सके, उतना अधिक प्रवास करें। सभी पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार दौरा करना चाहिए। प्रवास के दौरान नए लोगों से मिलें, उनकी बात सुनें और उन्हें संगठन से जोड़ने का प्रयास करें। इससे न केवल संगठन का विस्तार होता है, बल्कि जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूती भी मिलती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा में मोर्चे और प्रकोष्ठ संगठन की पहली सीढ़ी हैं। इन्हें पूरा सम्मान दिया जाना चाहिए, क्योंकि यहीं से कार्यकर्ताओं की राजनीतिक यात्रा शुरू होती है। मोर्चों और प्रकोष्ठों के माध्यम से ही समाज के विभिन्न वर्गों तक पार्टी की पहुंच बनती है। इसलिए इनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
बीएल संतोष ने पार्टी के भीतर संवाद की संस्कृति पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई समस्या या असहमति है तो उसे पार्टी के भीतर, पार्टी के प्लेटफॉर्म पर ही रखा जाना चाहिए। सार्वजनिक बयानबाजी या आपसी टकराव से संगठन को नुकसान पहुंचता है। सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को मिलकर संगठन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
कार्यशाला के समापन सत्र में बीएल संतोष का यह संदेश साफ तौर पर संगठन को एकजुट रखने, नए नेतृत्व को अवसर देने और जमीनी स्तर पर पार्टी को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। उनके इस संबोधन को आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
