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निकाय चुनाव के टिकट पर BJP-कांग्रेस में मंथन, वीडियो में जाने नामांकन के लिए सिर्फ 2 दिन; भीलवाड़ा में महिला मोर्चा का धरना

निकाय चुनाव के टिकट पर BJP-कांग्रेस में मंथन, वीडियो में जाने नामांकन के लिए सिर्फ 2 दिन; भीलवाड़ा में महिला मोर्चा का धरना
 
निकाय चुनाव के टिकट पर BJP-कांग्रेस में मंथन, वीडियो में जाने नामांकन के लिए सिर्फ 2 दिन; भीलवाड़ा में महिला मोर्चा का धरना

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के नामांकन की समय सीमा खत्म होने में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक अपने प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। टिकट की घोषणा में देरी के कारण दोनों दलों में टिकट के दावेदारों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अंतिम समय में प्रत्याशियों के नाम तय करने के साथ ही पार्टी नेतृत्व की कोशिश टिकट वितरण के बाद होने वाली नाराजगी और संभावित बगावत को रोकने की है। दोनों प्रमुख दलों में दावेदारों की लंबी सूची के चलते प्रत्याशियों केचयन को लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। पार्टी नेतृत्व स्थानीय समीकरण, जिताऊ उम्मीदवार और संगठन के भीतर संतुलन को ध्यान में रखकर नामों पर मंथन कर रहा है।

भीलवाड़ा में भाजपा महिला मोर्चा का धरना

टिकट वितरण को लेकर भाजपा में नाराजगी का मामला भीलवाड़ा में सामने आया है। यहां महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व पर टिकट वितरण में परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।शुक्रवार से धरने पर बैठी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता रातभर पार्टी कार्यालय में मौजूद रहीं। शनिवार को भी उनका धरना जारी रहा। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि टिकट वितरण में पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं और संगठन के लिए लंबे समय से काम कर रहे लोगों की अनदेखी की जा रही है।महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने नेतृत्व से टिकट वितरण में पारदर्शिता बरतने और योग्य कार्यकर्ताओं को मौका देने की मांग की है।

भाजपा मुख्यालय में आज फिर होगी बैठक

इधर, भाजपा प्रत्याशियों के चयन को लेकर शनिवार को भी जयपुर स्थि भाजपा मुख्यालय में बैठक बुलाई गई है। बैठक में जयपुर और भरतपुर संभाग के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनावों के लिए संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा होगी।पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे। संबंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और पार्टी प्रभारियों के साथ अलग-अलग स्तर पर चर्चा कर उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।भाजपा की रणनीति ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की है, जिनके स्थानीय स्तर पर मजबूत जनाधार के साथ संगठन में भी स्वीकार्यता हो। पार्टी यह भी ध्यान रख रही है कि टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों की नाराजगी चुनाव में नुकसान का कारण न बने।

कांग्रेस में भी टिकट को लेकर असमंजस

भाजपा की तरह कांग्रेस में भी प्रत्याशियों के चयन को लेकर अंतिम दौर की कवायद चल रही है। पार्टी ने अभी तक आधिकारिक प्रत्याशी सूची जारी नहीं की है। टिकट के लिए दावेदार अपने-अपने स्तर पर पार्टी नेताओं से संपर्क कर रहे हैं।नामांकन के लिए समय बेहद कम बचा होने के कारण अब दोनों दलों पर जल्द से जल्द उम्मीदवारों की घोषणा करने का दबाव बढ़ गया है।

बगावत रोकना बड़ी चुनौती

निकाय चुनाव में वार्ड स्तर पर उम्मीदवारों का व्यक्तिगत जनाधार काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में टिकट कटने के बाद असंतुष्ट दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं या दूसरे उम्मीदवार का समर्थन कर सकते हैं। यही वजह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों टिकट वितरण के साथ-साथ डैमेज कंट्रोल की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं।अब सभी की नजरें दोनों दलों की आधिकारिक सूची पर टिकी हैं। नामांकन के लिए सिर्फ दो दिन बाकी होने के कारण अगले 48 घंटे राजस्थान की स्थानीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।