बीसलपुर बांध में 24 घंटे में रिकॉर्ड 18 सेमी पानी, तेजी से बढ़ रहा जलस्तर; जयपुर-अजमेर-टोंक के लिए बड़ी राहत
राजस्थान में मानसून की सक्रियता के बीच बीसलपुर बांध को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। टोंक जिले में बनास नदी पर बने बीसलपुर बांध में पिछले 24 घंटे के दौरान रिकॉर्ड 18 सेंटीमीटर पानी की आवक दर्ज की गई है। बांध में लगातार पानी की आवक से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यह खबर जयपुर, अजमेर और टोंक समेत उन इलाकों के लिए राहत देने वाली है, जहां बीसलपुर बांध पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है।
जानकारी के अनुसार 13 अगस्त की सुबह बीसलपुर बांध का जलस्तर 313.75 आरएल मीटर तक पहुंच गया। बांध की कुल भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। ऐसे में बांध अपने पूर्ण भराव स्तर से करीब 1.75 मीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर पानी की आवक दर्ज होने के साथ बांध में पानी पहुंचने का सिलसिला जारी है।
त्रिवेणी नदी में भी बढ़ा पानी
बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ने के पीछे इसके जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश को प्रमुख कारण माना जा रहा है। बांध के बहाव क्षेत्र में त्रिवेणी की ऊंचाई करीब 3.90 मीटर दर्ज की गई है। इससे पहले त्रिवेणी नदी के तेज बहाव का असर भी बीसलपुर बांध में पानी की आवक पर देखने को मिला है। भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में हुई बारिश से त्रिवेणी नदी में पानी बढ़ा है, जिसका पानी आगे चलकर बीसलपुर बांध तक पहुंच रहा है।
बीसलपुर बांध राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण जल स्रोतों में शामिल है। बांध से जयपुर, अजमेर और टोंक सहित कई क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति होती है। यही वजह है कि मानसून के दौरान बांध का जलस्तर बढ़ना लाखों लोगों के लिए राहत की खबर माना जाता है।
भराव क्षमता के करीब पहुंच रहा बांध
बीसलपुर बांध की अधिकतम भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। मौजूदा जलस्तर 313.75 आरएल मीटर तक पहुंचने के बाद बांध धीरे-धीरे अपनी पूर्ण भराव क्षमता की ओर बढ़ रहा है। यदि जलग्रहण क्षेत्र में बारिश का दौर इसी तरह जारी रहता है और पानी की आवक बनी रहती है तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
बीसलपुर बांध का जलस्तर बढ़ने से जयपुर की पेयजल व्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। मानसून में पर्याप्त पानी जमा होने पर गर्मी और अगले साल के पेयजल संकट की चिंता काफी हद तक कम हो जाती है।
फिलहाल बांध में पानी की आवक धीमी गति से जारी बताई जा रही है। जलस्तर और आवक पर सिंचाई एवं जलदाय विभाग के अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में बारिश और त्रिवेणी के बहाव की स्थिति यह तय करेगी कि बीसलपुर बांध कितनी तेजी से अपनी पूर्ण भराव क्षमता की ओर बढ़ता है।
