RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर: पराक्रम सिंह ने नामांकन वापस लिया, वीडियो में जाने बृजकिशोर उपाध्याय को दिया समर्थन
जयपुर में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव से एक दिन पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने सोमवार को अध्यक्ष पद से अपना नामांकन वापस ले लिया। पराक्रम सिंह ने अपने गुट के साथ नामांकन वापस लेते हुए बृजकिशोर उपाध्याय को समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी दबाव में नामांकन वापस नहीं लिया है।
पराक्रम सिंह RCA अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। नामांकन के दौरान उन्होंने अपने साथ 32 वोटों का समर्थन होने का दावा किया था। नामांकन वापस लेने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने यह फैसला अपनी इच्छा से और बृजकिशोर उपाध्याय के समर्थन में लिया है। उनके इस फैसले से अध्यक्ष पद के चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। इससे पहले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर भी उपाध्यक्ष पद से अपना नामांकन वापस ले चुके हैं। वहीं अध्यक्ष पद पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर की दावेदारी बनी हुई है। इसके अलावा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी कोषाध्यक्ष पद और भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव सचिव तथा उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में हैं।
RCA चुनाव में नामांकन के शुरुआती दौर में अध्यक्ष पद के लिए धनंजय सिंह खींवसर, पराक्रम सिंह और बृजकिशोर उपाध्याय के नाम सामने आए थे। अब पराक्रम सिंह के हटने और बृजकिशोर उपाध्याय को समर्थन देने के बाद अध्यक्ष पद की तस्वीर पहले की तुलना में अलग हो गई है। हालांकि अलग-अलग पदों पर अन्य उम्मीदवारों की मौजूदगी के कारण पूरी कार्यकारिणी का चुनाव अभी बाकी है।RCA की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 2026-29 चुनाव के लिए जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों की अंतिम सूची और एपेक्स काउंसिल की अंतिम मतदाता सूची जारी की जा चुकी है। RCA चुनाव 29 सितंबर 2026 को होना निर्धारित है।
इस चुनाव से पहले राजस्थान क्रिकेट प्रशासन में राजनीतिक परिवारों से जुड़े कई उम्मीदवारों की मौजूदगी चर्चा में रही है। अलग-अलग रिपोर्टों में इसे विभिन्न गुटों के बीच समर्थन और चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा गया है। हालांकि उम्मीदवारों के अपने बयानों और उपलब्ध चुनावी दस्तावेजों के आधार पर ही इन दावों को देखा जाना चाहिए।अब 29 सितंबर को होने वाली मतदान प्रक्रिया के बाद ही RCA की नई कार्यकारिणी की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
