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राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली का बड़ा खुलासा, SOG ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली का बड़ा खुलासा, SOG ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार
 
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली का बड़ा खुलासा, SOG ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार

राजस्थान में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के बाद अब राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में ओएमआर (OMR) शीट से छेड़छाड़ करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2018 की तीन प्रमुख भर्तियों में यह सिंडिकेट फर्जी तरीके से अभ्यर्थियों के नंबर बढ़ाकर 38 उम्मीदवारों को नौकरी दिलाने में सफल रहा था। इस मामले की जांच के दौरान एसओजी ने RSSB के तकनीकी प्रमुख और प्रोग्रामर सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों पर यह आरोप है कि उन्होंने ओएमआर शीट में डेटा छेड़छाड़ कर परिणाम प्रभावित किए।

SOG के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला पिछले कुछ समय से ध्यान में था और तकनीकी जांच के जरिए सिंडिकेट के संचालन और भूमिका का पता लगाया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह पूरी योजना बेहद सुनियोजित थी, जिसमें बोर्ड के अंदरूनी सिस्टम को हैक करके अभ्यर्थियों के स्कोर में फर्जी बदलाव किए गए। इस खुलासे ने राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के प्रति लोगों के विश्वास को प्रभावित किया है।

एसओजी की टीम ने बताया कि जांच के दौरान तकनीकी प्रमाण और दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो इस सिंडिकेट की साजिश को साबित करते हैं। गिरफ्तार आरोपियों में RSSB के तकनीकी प्रमुख, प्रोग्रामर और अन्य सहयोगी शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इन सभी के खिलाफ आईटी एक्ट और आपराधिक कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले वर्षों में पेपर लीक और फर्जी नंबर देने जैसी घटनाओं ने सरकारी नौकरी पाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। अब SOG की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने इस सफलता पर SOG टीम की सराहना की है और कहा कि सरकार इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेती है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि भविष्य में भर्ती प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक उपाय और मजबूत किए जाएँ।

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने भी इस मामले में सहयोग करते हुए सभी जांच रिपोर्ट और तकनीकी डाटा SOG को सौंपा। बोर्ड ने भविष्य में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ओएमआर शीट की सुरक्षा और तकनीकी निगरानी को और सख्त करने का निर्णय लिया है।

इस खुलासे ने न केवल भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर किया है, बल्कि अन्य सरकारी बोर्डों और संस्थाओं के लिए भी चेतावनी का काम किया है। SOG की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि किसी भी सरकारी भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।