कोटा के चंद्रेसल मठ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, फुटेज में जाने पुराना पुजारी और सरकारी कर्मचारी भी गिरफ्तार
कोटा के चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में अब मठ के पुराने पुजारी नंदनवन उर्फ नन्हे कुमार तिवारी और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के कर्मचारी महावीर प्रसाद पारेता को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों की गिरफ्तारी रविवार को की गई, जिससे इस सनसनीखेज मामले में नए आयाम जुड़ गए हैं।पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी महावीर प्रसाद पारेता अभी सेवा में था और उसके रिटायरमेंट में लगभग दो साल का समय बाकी है। आरोप है कि इस पूरी साजिश में वह भी सक्रिय रूप से शामिल था और उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या को लूट और डकैती का रूप देने की योजना बनाई थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने योजना बनाई थी कि महंत देवानंद की हत्या के बाद मठ की तिजोरी को तोड़कर नकदी लूटी जाएगी और घटना को दुर्घटना या लूट की वारदात का रूप देने के लिए बाहर खड़ी गाड़ी में आग लगा दी जाएगी, ताकि जांच को भटकाया जा सके।जांच में यह भी सामने आया है कि मठ के पुराने पुजारी नंदनवन महाराज ने साजिश के तहत अपने कमरे के बाहर से कुंडी लगवाई थी, ताकि घटना के बाद उस पर किसी तरह का शक न जाए और वह खुद को निर्दोष साबित कर सके। यह पहलू पुलिस जांच में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस मामले में पुलिस अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता संतोष राय भी शामिल है। इसके अलावा एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें हत्या के साथ-साथ सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की पूरी योजना बनाई गई थी। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की तह तक जाने के लिए जांच को और तेज कर दिया गया है। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
