राजस्थान में ईवी मालिकों के लिए बड़ी राहत, चार्जिंग नेटवर्क विस्तार को 81.12 करोड़ की मंजूरी
राजस्थान में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब प्रदेश की सड़कों पर चार्जिंग की समस्या को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने राजस्थान को ‘ग्रीन एनर्जी हब’ के रूप में विकसित करने के लिए 81.12 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
केंद्र सरकार भारत द्वारा जारी इस फंड का उपयोग राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में किया जाएगा। योजना के तहत प्रमुख शहरों, राष्ट्रीय राजमार्गों और औद्योगिक क्षेत्रों में नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिससे ईवी उपयोगकर्ताओं को लंबी दूरी की यात्रा में आसानी हो सकेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से राजस्थान में ईवी अपनाने की रफ्तार और तेज होगी। चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार से न केवल निजी वाहन मालिकों को राहत मिलेगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक ईवी सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड के माध्यम से इस योजना को लागू किया जाएगा। निगम के अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में हाईवे कॉरिडोर और बड़े शहरों में फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर फोकस रहेगा, जबकि बाद के चरणों में छोटे शहरों और कस्बों को भी शामिल किया जाएगा।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यह निवेश राजस्थान को ग्रीन एनर्जी और सतत परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण केंद्र बना सकता है। इससे प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता भी घटेगी।
राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने बताया कि ईवी नीति के तहत राज्य में निजी कंपनियों की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी, जिससे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए चार्जिंग नेटवर्क तेजी से विकसित हो सके।
कुल मिलाकर, 81.12 करोड़ रुपये की यह मंजूरी राजस्थान में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई गति देने वाली साबित होगी और आने वाले समय में ईवी मालिकों को एक मजबूत और सुविधाजनक चार्जिंग नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
