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फायर कर्मियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: 82 जवानों के लिए सिर्फ 8 फायर सूट, 71% स्टाफ बिना सुरक्षा कवच के

फायर कर्मियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: 82 जवानों के लिए सिर्फ 8 फायर सूट, 71% स्टाफ बिना सुरक्षा कवच के
 
फायर कर्मियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: 82 जवानों के लिए सिर्फ 8 फायर सूट, 71% स्टाफ बिना सुरक्षा कवच के

शहर और आसपास के जिलों को आगजनी की घटनाओं से सुरक्षा देने वाले अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की अपनी सुरक्षा ही खतरे में है। विभाग में तैनात 82 फायर कर्मियों के लिए महज 8 विशेष फायर सूट (पीपीई किट) उपलब्ध हैं। ऐसे में करीब 71 प्रतिशत अग्निशमन स्टाफ बिना जरूरी सुरक्षा कवच के जोखिम उठाकर आग बुझाने के लिए मजबूर है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि आग बुझाने के दौरान फायर कर्मियों के लिए पीपीई किट पहनना अनिवार्य है, लेकिन विभाग के पास सभी जवानों को उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। इस कमी के कारण आगजनी की घटनाओं के दौरान जवानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

82 जवानों के लिए केवल 8 फायर सूट

अग्निशमन विभाग में कुल 82 फायर कर्मी तैनात हैं, जबकि उनके पास केवल 8 विशेष फायर सूट उपलब्ध हैं। यानी जरूरत के मुकाबले सुरक्षा उपकरणों की संख्या बेहद कम है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 74 जवानों के लिए अलग से फायर सूट की व्यवस्था नहीं है।

आग बुझाने के दौरान कर्मचारियों को कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है। आग की तेज लपटें, अत्यधिक तापमान और धुएं के बीच काम करने के लिए विशेष सुरक्षा उपकरणों की जरूरत होती है। ऐसे में फायर सूट की कमी जवानों के लिए जोखिम बढ़ा सकती है।

पीपीई किट अनिवार्य, लेकिन उपलब्धता नहीं

फायर कर्मियों के लिए आग बुझाने के दौरान पीपीई किट पहनना अनिवार्य बताया गया है। इसके बावजूद विभाग में पर्याप्त संख्या में फायर सूट नहीं हैं। नियम और उपलब्ध संसाधनों के बीच यह अंतर कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

विशेष सुरक्षा उपकरणों के अभाव में जवानों को आग बुझाने जैसे जोखिम भरे काम के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। 82 कर्मचारियों के मुकाबले केवल 8 फायर सूट होने से सभी जवानों को एक साथ सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

सुरक्षा उपकरणों की कमी चिंता का विषय

अग्निशमन विभाग के कर्मचारी आपात स्थिति में लोगों की जान और संपत्ति बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरणों की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

82 जवानों के लिए केवल 8 फायर सूट होना विभाग की तैयारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। करीब 71 प्रतिशत स्टाफ के पास सुरक्षा कवच नहीं होने की स्थिति में फायर कर्मियों को पर्याप्त पीपीई किट उपलब्ध कराने की जरूरत सामने आती है।