राजस्थान को बड़ी सौगात: कोटकासिम में बनेगा MRO हब, विमान रखरखाव का नया केंद्र बनने की तैयारी
राजस्थान जल्द ही देश के प्रमुख विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) केंद्रों की सूची में शामिल हो सकता है। इसके लिए अलवर के कोटकासिम क्षेत्र में एनसीआर का पहला MRO हब विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
इस प्रस्तावित हब के बनने के बाद दिल्ली, जेवर और जयपुर एयरपोर्ट से जुड़े विमानों की मरम्मत, तकनीकी जांच और मेंटेनेंस का काम यहीं किया जा सकेगा। इससे क्षेत्र में विमानन सेक्टर की गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यह प्रोजेक्ट न केवल विमानन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इंजीनियरिंग, तकनीकी स्टाफ, लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट सेवाओं में बड़ी संख्या में नौकरियों की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में MRO सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और ऐसे केंद्रों की स्थापना से विदेशों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही विमान कंपनियों को रखरखाव के लिए समय और लागत दोनों में राहत मिलेगी।
कोटकासिम में प्रस्तावित यह हब रणनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह दिल्ली-NCR और राजस्थान के प्रमुख एयर रूट्स के बीच स्थित है। इससे विमान संचालन और तकनीकी सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी।
जयपुर और आसपास के एयर नेटवर्क से जुड़ाव के कारण यह परियोजना क्षेत्रीय विमानन इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।
फिलहाल परियोजना को लेकर तैयारियां प्रारंभिक चरण में हैं और इसे जल्द ही आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
