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खाटूश्याम जी भक्तों के लिए बड़ी सौगात: जयपुर–रींगस हाईवे 6‑लेन और पैदल पथ का काम शुरू

खाटूश्याम जी भक्तों के लिए बड़ी सौगात: जयपुर–रींगस हाईवे 6‑लेन और पैदल पथ का काम शुरू
 
खाटूश्याम जी भक्तों के लिए बड़ी सौगात: जयपुर–रींगस हाईवे 6‑लेन और पैदल पथ का काम शुरू

राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्याम भक्तों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब जयपुर से रींगस तक के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 52) को 6‑लेन चौड़ा किया जाएगा और साथ ही 7 मीटर चौड़ा समर्पित पैदल पथ भी बनाया जाएगा, ताकि खाटूश्याम जी के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम मार्ग मिल सके। यह घोषणा हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा की गई है।

हाईवे विस्तार का उद्देश्य

केंद्र और राज्य सरकार दोनों का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। राजस्थान में खाटूश्याम जी का धाम लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है और हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। कई बार पैदल यात्रा और भीड़ के कारण मार्ग पर दिक्कतें भी सामने आती हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है।

अब NH 52 को 6‑लेन में विस्तारित करने का काम शुरू हो गया है और रींगस शहर में अतिक्रमण हटाने के कार्य भी तेज़ी से चल रहे हैं। हाईवे विस्तार के साथ ही वहां विशाल ओवरब्रिज बनाने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि श्याम भक्तों के सुरक्षित आवागमन में मदद मिले।

पैदल पथ की तैयारी

सबसे खास बात यह है कि जयपुर से रींगस तक आने वाले भक्तों के लिए 7 मीटर चौड़ा पैदल पथ बनाया जाएगा। इससे श्रद्धालु अपने वाहन से उतरकर पैदल सुरक्षित तरीके से यात्रा कर सकेंगे। पैदल पथ की यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी होगी जो खाटूश्याम जी के दर्शन पदयात्रा के दौरान रास्ते पर चलते हैं।

परिक्रमा मार्ग और रिंग रोड योजना

केवल हाईवे विस्तार ही नहीं, बल्कि रींगस में श्री श्याम धाम के आसपास रिंग रोड बनाकर एक परिक्रमा मार्ग तैयार करने का भी निर्णय लिया गया है। इसका DPR (डिज़ाइन व प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जारी कर दिए हैं। इससे मंदिर के आसपास के क्षेत्र में आवागमन और भी सुगम और सुव्यवस्थित होगा।

स्थानीय संगठनों ने जताई खुशी

श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि यह पहल भक्तों के लिए बेहद राहत वाली होगी। सरकार के साथ मिलकर समिति खाटूश्यामजी और रींगस के विकास में पूरी तरह से सहयोग करेगी। उनका कहना है कि भक्‍तों को सुरक्षित, सहज और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना ही मुख्य लक्ष्य है।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो खाटू धाम केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि इलाके में रोजगार और स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। होटल, ट्रांसपोर्ट, निशान (धार्मिक झंडे) और अन्य पर्यटन‑संबंधित उद्योगों में वृद्धि होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।