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कोचिंग सेंटर्स पर नियंत्रण के लिए लाए जा रहे बिल में जुर्माने में बड़ी छूट, वीडियो में समझें स्टूडेंट की सीमा भी बढ़ाई

कोचिंग सेंटर्स पर नियंत्रण के लिए लाए जा रहे बिल में जुर्माने में बड़ी छूट, वीडियो में समझें स्टूडेंट की सीमा भी बढ़ाई
 
कोचिंग सेंटर्स पर नियंत्रण के लिए लाए जा रहे बिल में जुर्माने में बड़ी छूट, वीडियो में समझें स्टूडेंट की सीमा भी बढ़ाई

राजस्थान सरकार द्वारा कोचिंग सेंटर्स पर नियंत्रण और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लाए जा रहे “राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल्ड एंड रेगुलेशन बिल 2025” में जुर्माने के प्रावधानों को ढाई से चार गुना तक कम कर दिया गया है। इसके साथ ही अब कोचिंग सेंटर्स में 50 छात्रों की जगह 100 छात्रों वाली संस्थाओं पर ही नए नियम लागू होंगे।

सूत्रों के अनुसार, इस बिल के प्रारूप में बदलाव प्रवर समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। समिति ने पुराने जुर्माने और नियमों को संशोधित करने की रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें छोटे और मीडियम कोचिंग सेंटर्स को राहत देने की बात कही गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से छोटे और नए कोचिंग संस्थानों पर वित्तीय बोझ कम होगा और उनके संचालन में आसानी आएगी।

बिल के अनुसार, यदि कोई कोचिंग सेंटर नियमों का उल्लंघन करता है, तो पहले निर्धारित बड़े जुर्माने अब 2.5 से 4 गुना तक कम कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, अब तक 50 स्टूडेंट तक की संस्थाओं पर ही नियम लागू होते थे, लेकिन नए संशोधन में यह सीमा बढ़ाकर 100 कर दी गई है। इससे छोटी और मध्यम कोचिंग संस्थाओं को नियमों के पालन में अधिक समय और संसाधन जुटाने की आवश्यकता कम हो जाएगी।

राजस्थान सरकार इस बिल को मानसून सत्र में 3 सितंबर को विधानसभा में पारित करवाने की तैयारी कर रही है। विधानसभा में बिल पास होने के बाद इसे कानून का रूप दिया जाएगा और राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों पर यह अनिवार्य रूप से लागू होगा। शिक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और छात्रों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए संशोधित बिल से छोटे कोचिंग संस्थानों को संचालन में मदद मिलेगी और नियमों का पालन करना आसान होगा।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बिल के लागू होने के बाद सभी कोचिंग संस्थानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा और समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा। नए नियमों में छात्रों की संख्या और जुर्माने के प्रावधानों में किए गए बदलाव से अधिकारियों को उम्मीद है कि नियमों का पालन करने वाले संस्थानों में वृद्धि होगी और शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि प्रवर समिति ने अपने सुझावों में यह ध्यान रखा कि नए नियम छोटे संस्थानों को दबाव में न डालें और बड़े संस्थानों पर नियंत्रण प्रभावी रूप से लागू हो सके। इससे राज्य में कोचिंग उद्योग में संतुलन बना रहेगा और छात्रों के हित सुरक्षित रहेंगे।