जयपुर में स्लीपर बसों पर बड़ा एक्शन: वीडियो में जाने अवैध डिग्गियां बनाकर सामान ढोने वाली 20 से ज्यादा बसें सीज
राजस्थान की राजधानी जयपुर में नियमों के विरुद्ध संशोधित स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग और वाणिज्यिक कर (GST) विभाग ने संयुक्त अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पिछले दो दिनों में 20 से अधिक बसों को सीज किया गया है। इन बसों में अवैध रूप से डिग्गियों का आकार बढ़ाकर बड़े पैमाने पर व्यावसायिक सामान का परिवहन किया जा रहा था।
संयुक्त अभियान में हुई कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार यह विशेष अभियान परिवहन विभाग और वाणिज्यिक कर विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा चलाया जा रहा है। जांच के दौरान कई ऐसी स्लीपर बसें चिन्हित की गईं, जिनमें मूल डिजाइन और स्वीकृत मानकों से हटकर चेसिस पर अतिरिक्त डिग्गियां बनाई गई थीं।इन डिग्गियों का उपयोग यात्रियों के सामान की बजाय बड़े स्तर पर कॉमर्शियल माल ढुलाई के लिए किया जा रहा था, जो मोटर वाहन नियमों और कर संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन माना गया।
20 से अधिक बसें हुईं सीज
अभियान के तहत पिछले दो दिनों में 20 से ज्यादा बसों को जब्त या सीज किया गया है। अधिकारियों ने बसों के दस्तावेजों, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और माल परिवहन से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की।जांच में कई मामलों में वाहन संरचना में अनधिकृत बदलाव और व्यावसायिक उपयोग से जुड़े नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई
यह विशेष अभियान परिवहन आयुक्त Purushottam Sharma के निर्देश पर शुरू किया गया है। विभाग का उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अवैध माल परिवहन पर रोक लगाना है।अधिकारियों का कहना है कि स्लीपर बसों में इस प्रकार के बदलाव न केवल नियमों के खिलाफ हैं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं।
टैक्स चोरी और सुरक्षा दोनों पर नजर
वाणिज्यिक कर विभाग भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ बसों के जरिए बिना उचित दस्तावेजों के माल परिवहन किया जा रहा था, जिससे राजस्व को नुकसान पहुंच सकता है।इसी कारण माल के स्रोत, परिवहन दस्तावेजों और GST अनुपालन की भी जांच की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ चालान, सीजिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।विभाग ने बस ऑपरेटरों को चेतावनी दी है कि वे वाहनों में किसी भी प्रकार का अनधिकृत संशोधन न करें और निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालन करें। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और कानून के पालन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
