खाद्य सुरक्षा की बड़ी कार्रवाई! राजस्थान में पकड़ी गई 71 हजार किलो मिलावटी सामग्री, मिलावटखोरो में मचा हड़कंप
निरामय राजस्थान का संकल्प साकार हो रहा है। ग्रीष्मकालीन मिलावट विरोधी अभियान ने लक्ष्य से अधिक प्रगति हासिल की है। पांच मई तक 6 हजार नमूने लिए जाने थे। जबकि एक मई तक 6280 नमूने लिए जा चुके हैं। खाद्य सुरक्षा आयुक्त एच गुइटे ने बताया कि एक मई तक करीब 46 हजार किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई जा चुकी है तथा निरीक्षणों में मिलावट पाए जाने पर 25 हजार किलो से अधिक खाद्य सामग्री जब्त की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि एक मई को चूरू जिले में 30 किलो मिठाई व नमकीन, झालावाड़ में 10 किलो फल व सब्जियां, जोधपुर में 11 किलो डेयरी उत्पाद व 28 किलो सब्जियां, करौली में 18 किलो मिठाई व नमकीन, सवाई माधोपुर में 6 किलो मिठाई व नमकीन तथा श्रीगंगानगर में 35 लीटर पेय पदार्थ नष्ट कराए गए।
लक्ष्य से अधिक लिए गए नमूने
19 अप्रैल 2025 से 5 मई 2025 तक चलाए जा रहे इस अभियान के प्रथम चरण में 6 हजार नमूने लेने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष 1 मई तक 6280 नमूने लिए जा चुके हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौर ने बताया कि गर्मी के मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता के मामले अधिक सामने आते हैं। इसे देखते हुए विभाग ने विशेष मिलावट विरोधी अभियान चलाया है। अभियान के तहत 1 मई तक 2575 निरीक्षण कर 6280 नमूने लिए जा चुके हैं। इनमें 2545 प्रवर्तन और 3735 निगरानी नमूने शामिल हैं। ये नमूने मुख्य रूप से डेयरी उत्पाद, बर्फ, पेय पदार्थ, मिठाई, फल और सब्जियों के हैं।
निर्माण इकाइयों पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की निर्माण इकाइयों पर विशेष फोकस रखा गया है। 1 मई तक 1140 निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया जा चुका है। अनियमितताएं पाए जाने पर 42 निर्माताओं के यहां जब्ती की कार्रवाई की गई तथा 64 निर्माताओं के यहां नष्टीकरण की कार्रवाई की गई। इसी प्रकार 374 खुदरा विक्रेताओं के यहां निरीक्षण किया गया।
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, हाईवे पर अधिक निरीक्षण
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि निरीक्षण प्रक्रिया में सबसे अधिक मिलावट वाले स्थानों पर फोकस किया गया है। इसके तहत 1 मई तक बस स्टैंड पर 333, रेलवे स्टेशन पर 185, हाईवे फूड प्वाइंट पर 441 तथा मॉल आदि में स्थित फूड प्लाजा पर 103 नमूने लिए गए हैं। अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई की राज्य स्तर पर नियमित निगरानी की जा रही है।
