RGHS में बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के आरोप में 51 अस्पताल निलंबित, फुटेज में जाने 24 पर 3 करोड़ का जुर्माना; जयपुर के कई बड़े अस्पताल भी शामिल
राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी क्लेम के मामलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 51 अस्पतालों को योजना से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 24 अस्पतालों पर करीब 3 करोड़ रुपये का जुर्माना और रिकवरी भी लगाई गई है। सरकार की ओर से पिछले तीन महीनों में की गई इस कार्रवाई की रिपोर्ट शुक्रवार को सार्वजनिक की गई।इस कार्रवाई में जयपुर के कई बड़े निजी अस्पताल भी शामिल हैं, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
जयपुर के प्रमुख अस्पतालों पर भी कार्रवाई
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई की जद में आए अस्पतालों में मणिपाल हॉस्पिटल, सोनी हॉस्पिटल, नारायणा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, महावीर जयपुरिया हॉस्पिटल और इंडस हॉस्पिटल सहित जयपुर के 9 प्रमुख अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर जांच के बाद कार्रवाई की गई है।
प्रदेशभर के अस्पतालों पर शिकंजा
जयपुर के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है। उदयपुर के पारस जेके हॉस्पिटल, डूंगरपुर के जील हॉस्पिटल और अजमेर के मार्बल सिटी हॉस्पिटल समेत कुल 24 अस्पतालों के खिलाफ रिकवरी और आर्थिक दंड लगाया गया है।सरकार के अनुसार, इन अस्पतालों में वित्तीय गड़बड़ी, नियमों के उल्लंघन और फर्जी क्लेम जैसे मामलों की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
तीन महीने में हुई सख्त कार्रवाई
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले तीन महीनों के दौरान विभिन्न शिकायतों और ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर अस्पतालों की जांच की गई। जांच में कई मामलों में अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार ने RGHS में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग करने वाले किसी भी अस्पताल या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने कहा कि वित्तीय अनियमितता, फर्जी क्लेम और भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों के हितों की सुरक्षा पर जोर
सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईमानदारी से काम करने वाले अस्पतालों को प्रोत्साहित करना और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र मरीजों को बिना किसी अनियमितता के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।
आगे भी जारी रहेगी जांच
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, RGHS के तहत पंजीकृत अन्य अस्पतालों की भी जांच जारी है। यदि आगे भी किसी अस्पताल के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी, फर्जी बिलिंग या योजना के दुरुपयोग के प्रमाण मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान सरकार की इस कार्रवाई को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे निजी अस्पतालों के लिए भी स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
