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राजस्थान में 1050 फीट गहरे बोरवेल में फंसा भोमाराम, वीडियो में देंखे कैमरे में मूवमेंट दिखना बंद; पत्थर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम का नया जुगाड़

राजस्थान में 1050 फीट गहरे बोरवेल में फंसा भोमाराम, वीडियो में देंखे कैमरे में मूवमेंट दिखना बंद; पत्थर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम का नया जुगाड़
 
राजस्थान में 1050 फीट गहरे बोरवेल में फंसा भोमाराम, वीडियो में देंखे कैमरे में मूवमेंट दिखना बंद; पत्थर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम का नया जुगाड़

राजस्थान के फलोदी जिले में बोरवेल में गिरे भोमाराम को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए टीम हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। शुक्रवार सुबह बोरवेल में उतारे गए कैमरे में बच्चे की हलचल दिखाई देना भी बंद हो गया। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, कैमरा करीब 30 फीट तक नीचे जाने के बाद फंस गया है। ऐसे में बचाव अभियान में जुटे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

1050 फीट गहरे बोरवेल में गिरा भोमाराम

जानकारी के अनुसार, फलोदी जिले के पूनिया की ढाणी में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भोमाराम 1050 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। घटना के बाद से ही बच्चे को बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ रेस्क्यू टीम भी लगातार अभियान में जुटी हुई है।बच्चे की स्थिति का पता लगाने के लिए बोरवेल के अंदर कैमरा डाला गया था। शुरुआत में कैमरे की मदद से बच्चे की हलचल पर नजर रखी जा रही थी, लेकिन शुक्रवार सुबह कैमरे में मूवमेंट दिखाई देना बंद हो गया। रेस्क्यू टीम का कहना है कि कैमरा लगभग 30 फीट नीचे जाकर फंस गया है। इसके कारण अंदर की स्थिति को समझने में परेशानी आ रही है।

देसी एक्सपर्ट मादाराम की टीम भी जुटी

बोरवेल में फंसे बच्चे को निकालने के लिए रेस्क्यू करने वाले देसी एक्सपर्ट मादाराम और उनकी टीम ने भी प्रयास किए, लेकिन उन्हें अभी तक सफलता नहीं मिली है। टीम अब बोरवेल के भीतर मौजूद पत्थर की स्थिति और उसके आकार को ध्यान में रखकर आगे की रणनीति तैयार कर रही है।रेस्क्यू टीम कैमरे की मदद से पत्थर की स्थिति समझने और उसे बाहर निकालने का तरीका तलाश रही है। इसके लिए अलग-अलग तकनीकों और स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए उपकरणों की मदद ली जा रही है। टीम का प्रयास है कि पत्थर को हटाकर बच्चे तक पहुंचने का रास्ता बनाया जा सके।

लोहे के सरियों का जाल बनाकर निकालने की कोशिश

बचाव अभियान के दौरान लोहे के सरियों का जाल तैयार कर बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास भी किया जा रहा है। इस तरह के अभियान में बोरवेल के भीतर की स्थिति को समझना बेहद जरूरी होता है, ताकि किसी भी तरह की जल्दबाजी से बच्चे को नुकसान न पहुंचे।फिलहाल रेस्क्यू टीम पत्थर की स्थिति के अनुसार नया उपकरण तैयार करने में जुटी है। कैमरा फंसने के कारण अभियान में अतिरिक्त चुनौती पैदा हो गई है। इसके बावजूद टीम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

बच्चे की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

भोमाराम को बोरवेल से निकालने में हो रही देरी के बीच परिजनों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। बच्चे की वर्तमान स्थिति को लेकर उपलब्ध जानकारी सीमित है, क्योंकि कैमरे में उसकी हलचल दिखाई देना बंद हो गया है। हालांकि, केवल कैमरे में मूवमेंट नहीं दिखने से बच्चे की स्थिति के बारे में कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बोरवेल के अंदर मौजूद बाधा को हटाकर बच्चे तक सुरक्षित पहुंचना है। अब सभी की निगाहें बचाव अभियान पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि टीम जल्द ही भोमाराम को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल होगी।