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बिजली खपत और राजस्व वसूली में भिवाड़ी अव्वल, जयपुर डिस्कॉम के 18 सर्किलों में टॉप पर

बिजली खपत और राजस्व वसूली में भिवाड़ी अव्वल, जयपुर डिस्कॉम के 18 सर्किलों में टॉप पर
 
बिजली खपत और राजस्व वसूली में भिवाड़ी अव्वल, जयपुर डिस्कॉम के 18 सर्किलों में टॉप पर

उद्योग नगरी भिवाड़ी ने एक बार फिर अपनी आर्थिक और औद्योगिक ताकत का प्रदर्शन किया है। टैक्स और औद्योगिक उत्पादन के साथ-साथ अब बिजली खपत और राजस्व वसूली के मामले में भी भिवाड़ी सर्किल ने जयपुर डिस्कॉम के 18 सर्किलों में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, भिवाड़ी सर्किल में कुल 3906 करोड़ रुपए की बिजली की खपत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों की तीव्रता और लगातार बढ़ते ऊर्जा उपयोग को दर्शाता है। औद्योगिक इकाइयों की अधिक संख्या और उत्पादन क्षमता के चलते यहां बिजली की मांग अन्य सर्किलों की तुलना में कहीं अधिक रही है।

बिजली खपत के साथ-साथ राजस्व वसूली के क्षेत्र में भी भिवाड़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जयपुर डिस्कॉम के अनुसार, बिल वसूली में भिवाड़ी जिला पहले स्थान पर रहा है। इसमें वर्तमान वित्तीय वर्ष के साथ-साथ पिछली बकाया राशि को भी शामिल किया गया है, जो लगभग 3926 करोड़ रुपए तक पहुंचती है।

अधिकारियों का कहना है कि बेहतर वसूली व्यवस्था, नियमित मॉनिटरिंग और औद्योगिक उपभोक्ताओं के सहयोग के कारण यह उपलब्धि हासिल हुई है। समय पर बिल भुगतान और बकाया वसूली अभियान ने भी इस प्रदर्शन को मजबूत किया है।

भिवाड़ी को औद्योगिक रूप से राजस्थान का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कई बड़ी इकाइयां संचालित हैं। यही कारण है कि यहां बिजली की खपत लगातार उच्च स्तर पर बनी रहती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भिवाड़ी की यह उपलब्धि न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य के ऊर्जा प्रबंधन और राजस्व संग्रह प्रणाली की मजबूती को भी दर्शाती है। लगातार बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों के बीच बिजली आपूर्ति और वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता भी सामने आ रही है।

जयपुर डिस्कॉम अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले समय में तकनीकी सुधार, स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके और राजस्व वसूली में पारदर्शिता बनी रहे।

फिलहाल भिवाड़ी का यह प्रदर्शन राज्य के अन्य सर्किलों के लिए भी एक उदाहरण माना जा रहा है, जहां औद्योगिक विकास के साथ-साथ ऊर्जा प्रबंधन को भी सफलतापूर्वक संतुलित किया जा रहा है।