भीलवाड़ा में पिता का सनसनीखेज आरोप, 'फुटेजमे देंखे 14 साल की बेटी को 4.50 लाख में बेचकर बाल विवाह कराने की तैयारी', पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से बाल विवाह और मानव तस्करी से जुड़े गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। एक पिता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी का कथित तौर पर 4.50 लाख रुपये में सौदा कर दिया गया है और धार्मिक आयोजन की आड़ में उसका बाल विवाह कराने की तैयारी की जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संबंधित परिवार को पाबंद किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
वीडियो जारी कर प्रशासन से लगाई गुहार
वीडियो में पिता ने पुलिस, जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षकों और पटवारी से अपील करते हुए कहा कि उसकी बेटी पर नजर रखी जाए और किसी भी कीमत पर उसका बाल विवाह रोका जाए।पिता का आरोप है कि उसकी बेटी की शादी के लिए करीब 4.50 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। उनका दावा है कि जल्द ही किसी धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में विवाह कराने की योजना बनाई गई है।उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में उनके पास कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य हैं, जिन्हें वह जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।
गुजरात में नौकरी करता है पिता
पिता ने बताया कि वह रोजगार के सिलसिले में गुजरात में रहते हैं। उन्हें जानकारी मिली कि उनकी नाबालिग बेटी की शादी की तैयारी की जा रही है। इसके बाद उन्होंने परिवार के लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई।उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष और परिवार के कुछ लोगों ने मिलकर यह साजिश रची है। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
पुलिस ने परिवार को किया पाबंद
मामला सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय पुलिस ने संबंधित परिवार को पाबंद कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वास्तव में नाबालिग की शादी की तैयारी की जा रही थी और क्या कथित धनराशि के लेन-देन के आरोपों में कोई सच्चाई है।
बाल विवाह पर कानून सख्त
भारत में बाल विवाह कानूनन प्रतिबंधित है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत निर्धारित आयु से कम उम्र के लड़के या लड़की का विवाह कराना दंडनीय अपराध है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल पुलिस और जिला प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। प्रशासन का कहना है कि यदि नाबालिग के बाल विवाह की आशंका या पुष्टि होती है, तो उसे तत्काल रोका जाएगा और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
