Aapka Rajasthan

भाटी बनाम रावणा: सोशल मीडिया कमेंट से शुरू हुआ विवाद, धमकी के आरोपों से मचा बवाल

भाटी बनाम रावणा: सोशल मीडिया कमेंट से शुरू हुआ विवाद, धमकी के आरोपों से मचा बवाल
 
भाटी बनाम रावणा: सोशल मीडिया कमेंट से शुरू हुआ विवाद, धमकी के आरोपों से मचा बवाल

राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और लोकप्रिय भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच सोशल मीडिया पर हुआ एक कमेंट अब बड़े विवाद का रूप ले चुका है। दोनों के बीच शुरू हुई यह तनातनी अब गंभीर आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई है, जिससे सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।

मामला उस समय गरमा गया जब गायक छोटू सिंह रावणा ने शुक्रवार रात एक वीडियो जारी कर विधायक पर गंभीर आरोप लगाए। रावणा ने दावा किया कि उन्हें विधायक रविंद्र सिंह भाटी की ओर से फोन कर धमकाया गया और अप्रत्यक्ष रूप से जान से मारने की चेतावनी दी गई। यह वीडियो उन्होंने भोपाल में कार में बैठकर रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में रावणा ने कहा कि 27 मार्च की रात करीब 11 बजे उन्हें विधायक भाटी का फोन आया था। बातचीत के दौरान कथित रूप से उन्हें अपशब्द कहे गए और धमकी भरे लहजे में बात की गई। रावणा ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा विवाद एक सोशल मीडिया कमेंट से शुरू हुआ, जिसे लेकर विधायक नाराज थे।

इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। एक ओर जहां रावणा के समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाटी के समर्थक इन आरोपों को निराधार करार दे रहे हैं।

हालांकि, इस मामले में विधायक रविंद्र सिंह भाटी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला कानूनी रूप भी ले सकता है और इसकी जांच की मांग उठ सकती है।

इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती बयानबाजी और व्यक्तिगत टिप्पणियां किस तरह बड़े विवाद का कारण बन सकती हैं। खासकर जब इसमें सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग शामिल हों, तो मामला और भी संवेदनशील हो जाता है।

फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग अलग-अलग नजरिए से इसे देख रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या इस विवाद में कोई कानूनी कार्रवाई होती है या दोनों पक्ष आपसी स्तर पर इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करते हैं।