जयपुर में भारत टैक्सी ऐप लॉन्च: वीडियो में जाने ओला-उबर से 15% तक सस्ती राइड का दावा, ड्राइवरों से नहीं लिया जाएगा कमीशन
राजधानी जयपुर में गुरुवार को मोबिलिटी सेक्टर में एक नए खिलाड़ी की एंट्री हुई। भारत टैक्सी ने अपना कस्टमर मोबाइल एप लॉन्च किया। कंपनी का दावा है कि यह देश का सबसे बड़ा सहकारी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जो ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म का भागीदार बनाएगा। लॉन्च कार्यक्रम के दौरान कंपनी ने यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए कई आकर्षक सुविधाओं की घोषणा की।
11 किलोमीटर तक की यात्रा में 25 रुपए तक बचत का दावा
कंपनी के अनुसार, कैब बुकिंग पर ग्राहकों को मौजूदा बाजार दरों की तुलना में बेहतर किराया मिलेगा। भारत टैक्सी का दावा है कि 11 किलोमीटर तक की यात्रा में यात्रियों को करीब 25 रुपए तक की बचत हो सकती है।इसके अलावा कंपनी ने कहा कि यात्रियों को अन्य प्रमुख कैब एग्रीगेटर्स की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत तक सस्ती राइड उपलब्ध कराई जाएगी।
ड्राइवरों से नहीं लिया जाएगा कमीशन
भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु ने लॉन्च के दौरान कहा कि कंपनी ड्राइवरों से किसी प्रकार का कमीशन नहीं लेगी।उन्होंने बताया कि मौजूदा मॉडल में ड्राइवरों की कमाई का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में कट जाता है, जबकि भारत टैक्सी का उद्देश्य ड्राइवरों की आय बढ़ाना और उन्हें प्लेटफॉर्म का साझेदार बनाना है।
नहीं होगी सर्ज प्राइसिंग
कंपनी ने यह भी दावा किया कि उसके प्लेटफॉर्म पर सर्ज प्राइसिंग लागू नहीं होगी। आमतौर पर पीक ऑवर, बारिश या अधिक मांग के समय कैब किराए में बढ़ोतरी कर दी जाती है, लेकिन भारत टैक्सी ने कहा है कि वह ऐसी व्यवस्था नहीं अपनाएगी।इससे यात्रियों को किसी भी समय अपेक्षाकृत स्थिर और पारदर्शी किराया मिलने की उम्मीद है।
जयपुर से शुरुआत, अन्य शहरों में विस्तार की तैयारी
कंपनी का कहना है कि जयपुर में लॉन्च के बाद अन्य शहरों में भी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। सहकारी मॉडल पर आधारित इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को लाभ पहुंचाना है।
कैब बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
भारत टैक्सी के लॉन्च के साथ ही कैब सेवा बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है। कंपनी के सस्ते किराए, बिना कमीशन मॉडल और सर्ज प्राइसिंग नहीं लगाने जैसे दावों से यात्रियों के साथ-साथ ड्राइवरों का भी ध्यान आकर्षित हो सकता है।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत टैक्सी अपने दावों को किस हद तक जमीन पर उतार पाती है और जयपुर के बाद अन्य शहरों में कितना प्रभाव छोड़ती है।
