Aapka Rajasthan

'बंद कमरे में नेताओं के पैर छूते हैं बेनीवाल', ज्योति मिर्धा का हमला; वीडियो में बोलीं- गिद्ध राजनीति कर नकारात्मक माहौल भुनाते हैं

'बंद कमरे में नेताओं के पैर छूते हैं बेनीवाल', ज्योति मिर्धा का हमला; वीडियो में बोलीं- गिद्ध राजनीति कर नकारात्मक माहौल भुनाते हैं
 
'बंद कमरे में नेताओं के पैर छूते हैं बेनीवाल', ज्योति मिर्धा का हमला; वीडियो में बोलीं- गिद्ध राजनीति कर नकारात्मक माहौल भुनाते हैं

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा नेता ज्योति मिर्धा ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेनीवाल सार्वजनिक मंचों पर अलग बातें करते हैं, जबकि बंद कमरों में बड़े नेताओं के पैर छूते नजर आते हैं।

ज्योति मिर्धा ने कहा कि हनुमान बेनीवाल की राजनीति केवल विवाद पैदा करने और नकारात्मक माहौल का फायदा उठाने तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेनीवाल हर मुद्दे पर केवल विरोध की राजनीति करते हैं और जनता के हितों से जुड़े सकारात्मक कार्यों पर कभी चर्चा नहीं करते।उन्होंने कहा, "हनुमान बेनीवाल गिद्ध राजनीति करते हैं। वे हमेशा ऐसे मुद्दों की तलाश में रह हैं, जिनसे नकारात्मक माहौल बने और उसका राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। जनता अब इस तरह की राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है।"

'सार्वजनिक बयान और निजी व्यवहार में अंतर'

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि बेनीवाल मंचों से बड़े-बड़े बयान देते हैं, लेकिन निजी मुलाकातों में उनका व्यवहार बिल्कुल अलग होता है। उन्होंने कहा कि जो नेता सार्वजनिक रूप से दूसरों पर निशाना साधते हैं, वही बंद कमरों में नेताओं के पैर छूते दिखाई देते हैं।ज्योति मिर्धा ने कहा कि राजनीति में पारदर्शिता और सिद्धांत सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। जनता ऐसे नेताओं को पसंद करती है जो अपने विचारों और व्यवहार में समानता रखें।

'जनहित के बजाय विवादों की राजनीति'

मिर्धा ने कहा कि प्रदेश के किसानों, युवाओं, महिलाओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक राजनीति की जरूरत है, लेकिन कुछ नेता केवल विवाद खड़े कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि नकारात्मक राजनीति से जनता का भला नहीं हो सकता।उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना जरूरी है, लेकिन हर मुद्दे पर केवल विरोध करना और माहौल खराब करना उचित नहीं है।

प्रदेश की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी

हाल के दिनों में राजस्थान में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज हुआ है। विधानसभा चुनावों के बाद भी प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है।ज्योति मिर्धा के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। अब इस पर हनुमान बेनीवाल या उनकी पार्टी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।