बाड़मेर अदालत ने पुलिस निरीक्षक को गवाही न देने पर भेजा न्यायिक हिरासत में, बाद में जमानत पर रिहा
राजस्थान के बाड़मेर जिले की अदालत ने एक पुराने आपराधिक मामले में गवाही नहीं देने पर पुलिस निरीक्षक उगमराज सोनी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। अदालत ने शनिवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
सूत्रों के अनुसार, निरीक्षक सोनी को बार-बार गवाही के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे समय पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इस कारण अदालत ने कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लेने का निर्णय लिया।
हालांकि, कुछ समय बाद निरीक्षक ने माफी याचिका और जमानत अर्जी प्रस्तुत की। अदालत ने याचिका और जमानत अर्जी स्वीकार कर ली और उन्हें रिहा कर दिया।
वकीलों और विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गंभीर दृष्टिकोण को दर्शाता है। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी साक्षी या अधिकारी की गवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
