टोंक के नटवाड़ा में अक्षय तृतीया पर बद्री विशाल मंदिर मेले की शुरुआत, वीडियो में देखें ध्वजारोहण के साथ कनक दण्डवत यात्रा
जिले के नटवाड़ा गांव में अक्षय तृतीया के अवसर पर प्रसिद्ध बद्री विशाल मंदिर में दो दिवसीय वार्षिक मेले की शुरुआत रविवार सुबह पारंपरिक कनक दण्डवत यात्रा और ध्वजारोहण के साथ की गई। इस दौरान पूरे गांव में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का माहौल देखने को मिला।
मेले की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कनक दण्डवत यात्रा के साथ भक्तों ने मंदिर तक पहुंचकर पूजा-अर्चना की और ध्वजारोहण के बाद मेले का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
ध्वजारोहण के बाद एक रोचक और लोक आस्था से जुड़ी मान्यता के तहत मंदिर शिखर पर पक्षी के बैठने को लेकर श्रद्धालुओं की निगाहें टिकी रहीं। स्थानीय मान्यता के अनुसार ध्वजारोहण के बाद यदि कोई पक्षी मंदिर के शिखर पर बैठता है तो उसे आने वाले नव संवत्सर का शुभ संकेत माना जाता है।
हालांकि इस बार निर्धारित समय तक कोई पक्षी शिखर पर नहीं बैठा, जिससे कुछ श्रद्धालुओं में हल्की मायूसी देखी गई। इसके बावजूद ग्रामीणों ने निराशा को अधिक महत्व नहीं दिया और प्रकृति से जुड़े दूसरे संकेतों को शुभ मानकर संतोष जताया।
Natwara Village में स्थित Badri Vishal Temple के इस मेले को ग्रामीण केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही लोक परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक मानते हैं। हर वर्ष अक्षय तृतीया पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं और परंपरागत अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।
ध्वजारोहण के बाद चली ठंडी हवा को ग्रामीणों ने सकारात्मक और शुभ संकेत के रूप में देखा। लोगों का कहना है कि प्रकृति के संकेतों के आधार पर गांव में समृद्धि और खुशहाली का अनुमान लगाया जाता है।
दो दिवसीय इस मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी, जिसमें आसपास के गांवों से भी श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
