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गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में बाबा उमाकांत महाराज की मांग, गो-हत्या पर देशभर में एक समान कानून बनाने की अपील

गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में बाबा उमाकांत महाराज की मांग, गो-हत्या पर देशभर में एक समान कानून बनाने की अपील
 
गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में बाबा उमाकांत महाराज की मांग, गो-हत्या पर देशभर में एक समान कानून बनाने की अपील

राजधानी जयपुर के ठिकरिया स्थित जयगुरुदेव आश्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के दौरान जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के प्रमुख बाबा उमाकांत महाराज ने गो-हत्या के मुद्दे पर देशव्यापी कानून बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस विषय पर एक समान और प्रभावी कानून लागू किया जाना चाहिए।

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान बाबा उमाकांत महाराज ने अपने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा, आध्यात्मिक जीवन, नैतिक मूल्यों और समाज में सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ संरक्षण का विशेष महत्व रहा है और इस दिशा में व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

अपने प्रवचन के दौरान बाबा उमाकांत महाराज ने केंद्र सरकार से गो-हत्या को लेकर पूरे देश में एक समान कानून बनाने की अपील की। उनका कहना था कि विभिन्न राज्यों में अलग-अलग कानून होने के कारण इस विषय पर एकरूपता नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट नीति बनाई जाए, जिससे गौ संरक्षण को और प्रभावी बनाया जा सके।

तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान आश्रम में सत्संग, भजन-कीर्तन, गुरु वंदना और आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान बाबा उमाकांत महाराज ने लोगों से नैतिक जीवन अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण और मानवता की सेवा के लिए आगे आने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए।

गुरु पूर्णिमा के इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के मद्देनजर आश्रम परिसर में व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। आयोजन के दौरान अनुशासन और सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए।

बाबा उमाकांत महाराज द्वारा गो-हत्या पर देशव्यापी कानून की मांग ने कार्यक्रम के दौरान विशेष चर्चा बटोरी। अब इस बयान को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।