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बाबा रामदेव पीर की शादी की अनोखी कथा, नेतलदे से विवाह के बाद सामने आया चमत्कार, जानिए पूरी कहानी

बाबा रामदेव पीर की शादी की अनोखी कथा, नेतलदे से विवाह के बाद सामने आया चमत्कार, जानिए पूरी कहानी
 
बाबा रामदेव पीर की शादी की अनोखी कथा, नेतलदे से विवाह के बाद सामने आया चमत्कार, जानिए पूरी कहानी

राजस्थान के लोकदेवता बाबा रामदेव पीर की जीवनगाथा में उनका विवाह भी एक महत्वपूर्ण प्रसंग माना जाता है। लोक परंपराओं के अनुसार बाबा रामदेव जी का विवाह अमरकोट के सोढ़ा राजपूत परिवार में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम नेतलदे देवी बताया जाता है। आज भी रामदेवरा और राजस्थान के कई क्षेत्रों में बाबा रामदेव जी और नेतलदे देवी से जुड़ी कथाएं श्रद्धा के साथ सुनाई और गाई जाती हैं।

मान्यता के अनुसार नेतलदे देवी अमरकोट के राजा दलजी सोढ़ा की पुत्री थीं। बाबा रामदेव जी और नेतलदे देवी का विवाह धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। राजस्थान सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की रामदेवजी पैनोरमा संबंधी सामग्री में भी रामदेवजी के नेतलदे से विवाह का उल्लेख मिलता है। लोकमान्यता में नेतलदे देवी को रुक्मणी का अवतार भी माना गया है।

बाबा रामदेव जी के विवाह से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथा नेतलदे देवी की शारीरिक स्थिति से जुड़ी है। लोकमान्यता के अनुसार नेतलदे देवी विवाह से पहले चलने में असमर्थ थीं। विवाह समारोह के दौरान बाबा रामदेव जी की आध्यात्मिक शक्ति से उनके पैरों में शक्ति लौटने की कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि पाणिग्रहण संस्कार के बाद नेतलदे देवी अपने पैरों पर खड़ी हुईं और बाबा रामदेव जी के साथ विवाह के फेरे लिए। इस घटना को श्रद्धालु बाबा रामदेव जी के चमत्कार के रूप में देखते हैं।

बाबा रामदेव जी का जीवन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं माना जाता। लोक परंपराओं में उन्हें गरीबों, जरूरतमंदों और समाज के वंचित वर्गों के हितैषी संत के रूप में याद किया जाता है। विवाह के बाद भी उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य मानव सेवा और समाज में समानता का संदेश देना बताया जाता है।

बाबा रामदेव पीर की पत्नी नेतलदे देवी का नाम भी उनकी जीवनगाथा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में लोकगीतों और कथाओं के माध्यम से उनके विवाह की कहानी पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही है।

आज जैसलमेर जिले का रामदेवरा देशभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था स्थल है। यहां बाबा रामदेव जी की समाधि के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाबा रामदेव जी के जीवन से जुड़ी विवाह की कथा भी उनके भक्तों के बीच विशेष श्रद्धा रखती है।

हालांकि विवाह और चमत्कार से जुड़ी कई बातें धार्मिक लोकमान्यताओं और परंपरागत कथाओं पर आधारित हैं, लेकिन इन कथाओं ने राजस्थान की लोक संस्कृति और बाबा रामदेव पीर की लोकप्रिय आस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बाबा रामदेव जी और नेतलदे देवी की यह कथा आज भी राजस्थान की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बनी हुई है।