Aapka Rajasthan

आमेर में 15 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश, 40 करोड़ की भूमि पर उठे सवाल

 
आमेर में 15 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश, 40 करोड़ की भूमि पर उठे सवाल

आमेर तहसील के ग्राम मोठू का बास में करीब 15 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि को खुर्द-बुर्द करने का मामला सामने आया है। इस जमीन की बाजार कीमत 40 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।

जानकारी के अनुसार, उक्त भूमि पर अवैध कब्जा करने और उसे हड़पने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इसको लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

सबसे अहम बात यह है कि इस पूरे मामले पर जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभाग की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में यह आशंका बढ़ रही है कि कहीं बड़े स्तर पर मिलीभगत तो नहीं है।

स्थानीय लोगों का कहना है that सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से समय रहते सख्ती नहीं बरती गई। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो यह जमीन पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में आ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में समय पर हस्तक्षेप बेहद जरूरी होता है, क्योंकि सरकारी भूमि सार्वजनिक संपत्ति होती है और इसका संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना चाहिए।

फिलहाल, यह मामला प्रशासनिक निष्क्रियता और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।