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जयपुर के रामपुरा में CJP टीम पर हमला, बीजेपी कनेक्शन की पड़ताल में सामने आया ग्रामीण का पुराना जुड़ाव

जयपुर के रामपुरा में CJP टीम पर हमला, बीजेपी कनेक्शन की पड़ताल में सामने आया ग्रामीण का पुराना जुड़ाव
 
जयपुर के रामपुरा में CJP टीम पर हमला, बीजेपी कनेक्शन की पड़ताल में सामने आया ग्रामीण का पुराना जुड़ाव

जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में 21 अगस्त को सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की टीम के साथ विवाद और मारपीट का मामला सामने आया। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका अपने साथियों के साथ ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने उनका विरोध किया और देखते ही देखते विवाद झड़प में बदल गया। घटना में CJP कार्यकर्ताओं के घायल होने और वाहनों में तोड़फोड़ के आरोप भी सामने आए हैं।

आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उन पर हमला करने वाले लोग भाजपा से जुड़े हुए थे। उनका कहना है कि सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति को सामने लाने की कोशिश के कारण उनके साथ मारपीट की गई। CJP की ओर से दावा किया गया कि टीम पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी।

हालांकि, गांव के लोगों का पक्ष इससे अलग है। ग्रामीणों का आरोप है कि CJP की टीम के आने से गांव में माहौल बिगड़ा और बाहरी लोगों के स्कूल में पहुंचने को लेकर आपत्ति जताई गई। कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि स्कूल के निर्माण और मरम्मत के लिए सरकार की ओर से राशि स्वीकृत की जा चुकी है।

ग्रामीणों को लीड करने वाले लालचंद का बीजेपी से जुड़ाव

घटना के बाद जब मामले की पड़ताल की गई तो ग्रामीणों को नेतृत्व करते नजर आए लालचंद शर्मा का बीजेपी से पुराना जुड़ाव सामने आने का दावा किया गया। हालांकि, लालचंद का कहना है कि अब वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े हुए नहीं हैं।

वहीं, भीड़ में शामिल एक ग्रामीण ने दावा किया कि रामपुरा गांव में बीजेपी का मजबूत प्रभाव है और पूरा गांव ही भाजपा समर्थक है। हालांकि, किसी व्यक्ति के भाजपा से मौजूदा संबंध या घटना में उसकी भूमिका को केवल राजनीतिक जुड़ाव के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए पुलिस जांच और अन्य साक्ष्यों की जरूरत होगी।

स्कूल की हालत बनी विवाद की वजह

पूरे विवाद के केंद्र में सरकारी स्कूल की स्थिति भी है। CJP का दावा है कि स्कूल की इमारत खराब होने के कारण बच्चों को भैंसों के बाड़े जैसे स्थान पर पढ़ाई करनी पड़ रही है। पार्टी इसी स्थिति का जायजा लेने और सरकार के सामने मामला उठाने के लिए वहां पहुंची थी। मीडिया रिपोर्टों में भी स्कूल के पास वैकल्पिक स्थान पर कक्षाएं संचालित होने की बात सामने आई है।

दूसरी तरफ राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी स्कूलों को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र नहीं बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि विद्यालयों में बिना अनुमति जाकर व्यवस्था में व्यवधान पैदा करना उचित नहीं है।

घटना के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। CJP ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि ग्रामीणों और सरकार की ओर से अलग पक्ष सामने आया है। ऐसे में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि हमला किसने शुरू किया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसका अंतिम फैसला जांच के बाद ही हो सकेगा।

फिलहाल रामपुरा-कंवरपुरा का यह विवाद सरकारी स्कूलों की स्थिति से निकलकर राजनीतिक टकराव तक पहुंच गया है। एक तरफ CJP शिक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर करने का दावा कर रही है, वहीं ग्रामीण स्कूल परिसर में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध कर रहे हैं। मामले में निष्पक्ष जांच से ही हमले और कथित राजनीतिक कनेक्शन की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।