राजस्थान की सियासत में बयानबाज़ी तेज, फुटेज में जाने अशोक गहलोत का भजनलाल शर्मा पर पलटवार
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है। जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि उनकी पार्टी और संगठन से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करना सरकार का विषय नहीं होना चाहिए।गहलोत ने कहा, “हमारी बात करते हैं कि हमें कौन पूछ रहा है या नहीं पूछ रहा है, इसकी चिंता उनको नहीं करनी चाहिए। यह हमारे पार्टी के अंदरूनी मामले हैं। उन्हें अपने मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और उनका जवाब देना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक आलोचना अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपने परिवार से जुड़े मुद्दों पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे तथ्यों से परे हैं। गहलोत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने बेटे को अलग मकान किराए पर दिलाया था और वह मुख्यमंत्री निवास में नहीं रहते थे। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देना सही नहीं है।यह बयान तब आया है जब रविवार को जमवारामगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अशोक गहलोत पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की थी। अपने संबोधन में सीएम शर्मा ने कहा था कि आजकल गहलोत को दिल्ली में ज्यादा महत्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि जिन नेताओं को गहलोत पहले “नकारा और निकम्मा” कहते थे, आज वही लोग सक्रिय भूमिका में हैं और राजनीति में उनका प्रभाव बढ़ रहा है।
सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने बयान में यह भी टिप्पणी की थी कि “जिन्हें उन्होंने तड़पाया था, अब उनकी तड़पने की बारी है।” इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और दोनों प्रमुख नेताओं के बीच बयानबाज़ी और तेज हो गई।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के बाद सियासी टकराव और तीखी बयानबाज़ी लगातार बढ़ रही है। पूर्व और वर्तमान सरकार के नेताओं के बीच यह शब्दों की जंग आने वाले समय में और भी तेज हो सकती है।फिलहाल दोनों नेताओं के बयानों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, और राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
