अशोक गहलोत का BJP-RSS पर बड़ा हमला, वीडियो में बोले- देश हिंदू राष्ट्र जैसा बन चुका, सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Ashok Gehlot ने जयपुर में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म आधारित राजनीति अपने चरम पर पहुंच चुकी है और मौजूदा परिस्थितियों में भारत व्यवहारिक रूप से हिंदू राष्ट्र जैसा बन चुका है, केवल इसकी औपचारिक घोषणा होना बाकी है।मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि देश के विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मुस्लिम समुदाय को टारगेट किया गया, इसके बाद ईसाई समुदाय और आगे चलकर सिख समुदाय को भी निशाना बनाया जा सकता है। गहलोत ने कहा कि भाजपा और आरएसएस ने धर्म की राजनीति को एक बड़े राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है और इसी के आधार पर चुनावी सफलता हासिल कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या लोकतंत्र का यही स्वरूप है, जहां धर्म और समुदायों के आधार पर राजनीतिक माहौल तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी धर्मों और वर्गों को समान सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान माहौल में ऐसा दिखाई नहीं देता।गहलोत ने कांग्रेस की पूर्व राजनीतिक रणनीति पर भी आत्ममंथन करते हुए कहा कि पार्टी की "सॉफ्ट अप्रोच" के कारण ही भाजपा और आरएसएस को मजबूत होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शालीनता का पालन किया, लेकिन यदि कांग्रेस भी भाजपा और आरएसएस की तरह आक्रामक राजनीतिक रणनीति अपनाती, तो शायद आज यह स्थिति नहीं होती।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस की उदार नीति और लोकतांत्रिक व्यवहार के कारण ही भाजपा और आरएसएस आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्हें इसके लिए कांग्रेस का शुक्रिया अदा करना चाहिए।" गहलोत का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।इस दौरान उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla और कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी टिप्पणी की। गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी स्पीकर ओम बिरला के संसदीय क्षेत्र में आ रहे हैं, ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष के नाते उनका स्वागत किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस सदन के ओम बिरला अध्यक्ष हैं, उसी सदन के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उनके क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार उनका स्वागत होना चाहिए था। गहलोत ने आरोप लगाया कि स्वागत करने की बजाय ऐसा माहौल बनाया गया है, मानो ओम बिरला राहुल गांधी के दौरे के खिलाफ हों और लोगों को कार्यक्रम से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा हो।गहलोत के इन बयानों के बाद राजस्थान और राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। भाजपा की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों और विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों के मद्देनजर इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
