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जोधपुर में अशोक गहलोत का तंज, वीडियो में बोले- ‘एक-दो चाय हमारे साथ पी लेते तो काम करना सीख जाते’

जोधपुर में अशोक गहलोत का तंज, वीडियो में बोले- ‘एक-दो चाय हमारे साथ पी लेते तो काम करना सीख जाते’
 
जोधपुर में अशोक गहलोत का तंज, वीडियो में बोले- ‘एक-दो चाय हमारे साथ पी लेते तो काम करना सीख जाते’

Ashok Gehlot ने मंगलवार को जोधपुर दौरे के दौरान बिना नाम लिए केंद्रीय मंत्री Gajendra Singh Shekhawat पर तीखा तंज कसा। मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा, “एक-दो चाय हमारे साथ पी लेते तो हम बताते काम कैसे करवाते हैं, लेकिन यह तो हैं तीस मार खां।” पूर्व मुख्यमंत्री जोधपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पंचायत चुनावों में हो रही देरी, जोधपुर में पेयजल संकट और प्रदेश की राजनीति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

गहलोत ने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक वस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव कराने को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने जोधपुर में पानी की समस्या को लेकर भी सरकार को घेरा।उन्होंने कहा कि जनता बुनियादी समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से काम नहीं कर रही। गहलोत ने कहा कि लोगों को पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और सरकार केवल राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है।

राजनीतिक टिप्पणी करते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है और इसमें वह काफी हद तक सफल भी रही है। उन्होंने कहा, “धर्म के नाम पर राजनीति करना और राज करना अलग बात है, लेकिन जनता की समस्याओं से रूबरू होना अलग बात है।”पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इशारों में कहा कि केवल बड़े-बड़े दावे और राजनीतिक प्रचार करने से लोगों की परेशानियां दूर नहीं होतीं।

गहलोत के इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। उनके “तीस मार खां” वाले बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा नेताओं की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। पेयजल संकट, महंगाई और स्थानीय मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।फिलहाल अशोक गहलोत का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में इसकी खूब चर्चा हो रही है।