अशोक गहलोत बोले- मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह आलाकमान तय करेगा; वीडियो में जाने बीकानेर में लगे चौथी बार सरकार बनाने के नारे
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को बीकानेर पहुंचे। नाल में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों के आशीर्वाद से वह तीन बार मुख्यमंत्री बने हैं। इस दौरान सभा में मौजूद लोगों ने चौथी बार अशोक गहलोत सरकार बनाने के नारे लगाए। इस पर गहलोत ने लोगों को ऐसा नारा नहीं लगाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे हमारे बीच गलतफहमी पैदा होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला कांग्रेस आलाकमान करता है। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता फैसला करेंगे। उनके इस बयान के बाद राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चर्चा फिर सामने आ गई है। हालांकि, गहलोत का बीकानेर दौरा मुख्य रूप से पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए था।
चौथी बार मुख्यमंत्री बनाने के नारे पर गहलोत की प्रतिक्रिया
नाल में सभा के दौरान गहलोत ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के आशीर्वाद से उन्हें तीन बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। इस पर समर्थकों ने चौथी बार अशोक गहलोत सरकार बनाने के नारे लगाए।गहलोत ने जवाब देते हुए कहा कि ऐसे नारे नहीं लगाने चाहिए, क्योंकि इससे गलतफहमी पैदा होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह पार्टी का आलाकमान तय करता है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी इस संबंध में फैसला करेंगे।गहलोत के इस बयान को कांग्रेस में नेतृत्व और भविष्य की राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी भावी मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की।
नाल एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं ने किया स्वागत
बीकानेर पहुंचने पर नाल एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अशोक गहलोत का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने नाल बड़ी गांव में पत्रकारों से बातचीत की और सभा को संबोधित किया।गहलोत के दौरे का संचालन पूर्व मंत्री गोविन्दराम मेघवाल कर रहे हैं। मेघवाल ने ही उनके बीकानेर आने की जानकारी दी थी। उनके विधानसभा क्षेत्र में भी गहलोत का कार्यक्रम प्रस्तावित बताया गया है।
पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी के घर पहुंचे गहलोत
नाल में कार्यक्रम के बाद अशोक गहलोत हदां पहुंचे। यहां उन्होंने पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी के पिता रुघनाथ सिंह भाटी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।गहलोत का यह दौरा मुख्य रूप से भाटी के पिता के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के लिए आयोजित किया गया था। इसके बावजूद पंचायत राज चुनावों के बीच उनके बीकानेर पहुंचने और सभा को संबोधित करने को राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
पंचायत राज चुनाव के बीच दौरे के राजनीतिक मायने
राजस्थान में पंचायत राज चुनावों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का यह दौरा चर्चा में है। नाल की सभा में मुख्यमंत्री पद को लेकर हुई नारेबाजी और उस पर गहलोत की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है।गहलोत ने अपने बयान में मुख्यमंत्री पद के फैसले का अधिकार पार्टी आलाकमान को बताया। अब उनके दौरे के दौरान हुई राजनीतिक टिप्पणियों और स्थानीय नेताओं की सक्रियता पर नजर रहेगी। हालांकि, पंचायत राज चुनावों में कांग्रेस की रणनीति और भविष्य के नेतृत्व को लेकर कोई औपचारिक घोषणा इस दौरे के दौरान सामने नहीं आई।
