जोधपुर सेंट्रल जेल में आसाराम का सरेंडर, एक्सक्लूसीव फुटेज में देंखे 235 दिन बाद फिर सलाखों के पीछे पहुंचे बाबा
नाबालिग से रेप के मामले में सजा काट रहे आसाराम ने 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त को उसकी अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने से मना कर दिया था। इस फैसले के बाद आसाराम को जेल में वापस जाना पड़ा।
जोधपुर सेंट्रल जेल में आसाराम का सरेंडर, एक्सक्लूसीव फुटेज में देंखे 235 दिन बाद फिर सलाखों के पीछे पहुंचे बाबा
राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने आसाराम की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, आसाराम की तबीयत स्थिर है और उसे हॉस्पिटल में भर्ती होने या लगातार चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता नहीं है। इस रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका को नकार दिया, जिसके बाद उसे जेल लौटने का आदेश दिया गया।
आसाराम की सजा
आसाराम, जो कि एक योग गुरु और संत थे, को 2013 में नाबालिग से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था। वह जोखिमपूर्ण स्थिति में थे, जब उनकी जमानत याचिका पर फैसला हुआ। इस मामले में, आसाराम को 20 साल की सजा सुनाई गई थी, और वह तब से जेल में बंद हैं।
आसाराम के खिलाफ यह मामला राजस्थान के जोवक इलाके का है, जहां एक नाबालिग लड़की ने उनके खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई थी।
आसाराम की तबीयत और मेडिकल रिपोर्ट
आसाराम की चिकित्सा स्थिति को लेकर शुरू में चिंता व्यक्त की गई थी, लेकिन मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी विशेष इलाज की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद ही हाईकोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत को खारिज कर दिया और उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया।
आसाराम की गिरफ्तारी
आसाराम की गिरफ्तारी 2013 में हुई थी, और उसके बाद से कई सुनवाईयों और कानूनी दांव-पेचों के बावजूद, कोर्ट ने आखिरकार उन्हें सजा सुनाई। इस मामले में आसाराम को दोषी ठहराए जाने के बाद से उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच तीव्र विवाद रहा है।
अब, आसाराम को अपनी सजा भुगतने के लिए जेल वापस भेजा गया है, और उसकी जमानत की कोशिशों को अदालत ने नकार दिया है।
