सीकर में गैंगस्टर विरोधी अभियान तेज, पुलिस ने बदमाशों के जैकेट पहनने पर चेतावनी दी, वीडियो में देखें आईजी बोले गैंगस्टर्स को सपोर्ट करने वालों की प्रॉपर्टी होगी फ्रीज
जयपुर रेंज के आईजी एच. जी. राघवेंद्र सुहासा ने मंगलवार को सीकर में पुलिस अधिकारियों और थानाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में जिले में बढ़ रहे गैंगस्टर और संगठित अपराधों को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आईजी ने कहा कि अब जो भी बदमाश गैंगस्टर की जैकेट पहनेंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
सुहासा ने बताया कि अगले 60 दिन के भीतर सभी थानाधिकारी गैंगस्टर्स को सपोर्ट करने वाले लोगों की संपत्ति फ्रीज करेंगे। इसके तहत न सिर्फ बड़े गैंग्स के मामले, बल्कि उनके समर्थकों और स्थानीय सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आईजी ने कहा कि विदेशी देशों में बैठे गैंगस्टर्स के पासपोर्ट पहले ही रद्द कर दिए गए हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर इन गैंगस्टर्स को सपोर्ट देने वाले लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
बैठक में पुलिस ने गैंग्स से जुड़े लोगों की धरपकड़, ट्रैफिक सिस्टम मजबूत करने, और पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की। आईजी ने कहा कि अब किसी भी मामले में कोई इन्वेस्टिगेशन अधूरा नहीं रहेगा और हर केस की गहन जांच सुनिश्चित की जाएगी।
आईजी सुहासा ने स्पष्ट किया कि अब पुलिस सिर्फ बड़े गैंगस्टर्स तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सोशल मीडिया पर इनके समर्थकों और फॉलोअर्स की भी पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "कोई भी व्यक्ति जो गैंगस्टर्स का जैकेट पहनकर या उनका समर्थन कर रहा है, वह कानून के दायरे में आएगा।"
बैठक में पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे स्थानीय स्तर पर निगरानी और गहन जांच बढ़ाएं। आईजी ने कहा कि सभी थानों को विशेष अभियान चलाने और नियमित क्राइम मीटिंग के माध्यम से जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूत करने के लिए तैयार रहना होगा।
सुहासा ने यह भी कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य है गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ना और उनके समर्थकों को अलग करना। इससे न सिर्फ अपराधियों पर दबाव बनेगा, बल्कि आम जनता के लिए सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को निर्देश दिया कि हर मामले में पूर्ण पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कड़े कदमों से जिले में संगठित अपराध और गैंगस्टर की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। स्थानीय लोग भी इस अभियान को सकारात्मक रूप में देख रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी महीनों में अपराध दर में कमी आएगी।
आईजी सुहासा की यह बैठक और उनके दिए गए निर्देश सीकर जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन अब न सिर्फ बड़े गैंगस्टर्स, बल्कि उनके समर्थकों और नेटवर्क को भी निगरानी में रखेगा।
