कोटा में आवारा कुत्तों पर चर्चा के बीच मेयर का तंज, वीडियो में बोलीं- ‘आजकल लोग ज्यादा काटते हैं, बेचारे कुत्तों की कहां औकात’
राजस्थान के कोटा में राष्ट्रीय दशहरा मेला की तैयारियों को लेकर हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान आवारा कुत्तों का मुद्दा चर्चा में आ गया। बैठक में डिप्टी मेयर विवेक राजवंशी ने शहर में लोगों को कुत्तों के काटने की समस्या उठाई। इस पर मेयर अनुसुईया गोस्वामी ने हंसते हुए ऐसी टिप्पणी कर दी कि वहां मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। अब मेयर और डिप्टी मेयर के बीच हुई यह बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
डिप्टी मेयर ने उठाया आवारा कुत्तों का मुद्दा
राष्ट्रीय दशहरा मेला के आयोजन को लेकर संभागीय आयुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मेले की तैयारियों के साथ-साथ वहां काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा पर भी चर्चा हो रही थी।इसी दौरान डिप्टी मेयर विवेक राजवंशी ने आवारा कुत्तों की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि आजकल लोगों को कुत्ते बहुत काट रहे हैं। उन्होंने इस समस्या पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई।उनके पास बैठे कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने भी इस मुद्दे पर उनका समर्थन किया। बातचीत के दौरान विधायक ने पूछा कि कुत्ते क्या कह रहे हैं?
मेयर ने हंसते हुए दिया जवाब
डिप्टी मेयर की बात पर मेयर अनुसुईया गोस्वामी ने हंसते हुए टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “आजकल लोग ज्यादा काटते हैं, बेचारे कुत्तों की कहां औकात?”मेयर की इस टिप्पणी के बाद बैठक में मौजूद लोग हंसने लगे। कलेक्टर पीयूष समारिया, सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम और नगर निगम आयुक्त ओपी मेहरा भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।बातचीत के दौरान मेयर ने यह भी कहा कि वे शहर की बात कर रहे हैं। उनके इस जवाब ने बैठक के माहौल को हल्का कर दिया। हालांकि, जिस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई थी, वह शहर में लोगों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई बातचीत
बैठक में मेयर और डिप्टी मेयर के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। लोग मेयर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। चर्चा का विषय बना यह वीडियो दशहरा मेला की तैयारियों से जुड़ी बैठक के दौरान सामने आया।
आवारा कुत्तों की समस्या पर ध्यान देने की जरूरत
कोटा में आवारा कुत्तों के काटने की समस्या को लेकर डिप्टी मेयर ने बैठक में चिंता जताई। शहरों में आवारा कुत्तों से जुड़ी घटनाएं लोगों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण मुद्दा हैं।राष्ट्रीय दशहरा मेला जैसे बड़े आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। ऐसे में आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, श्रमिकों की सुरक्षा तथा लोगों की आवाजाही से जुड़े इंतजामों के साथ पशु प्रबंधन पर भी ध्यान देना जरूरी है।फिलहाल बैठक के दौरान हुई हल्की-फुल्की बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा में है, लेकिन आवारा कुत्तों समस्या के समाधान के लिए नगर निगम की ओर से क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर आगे की जानकारी का इंतजार है।
