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अलवर भर्तृहरि मेले में एम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल, वीडियो में समझे क्यों कर रहे है पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग

अलवर भर्तृहरि मेले में एम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल, वीडियो में समझे क्यों कर रहे है पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग
 
अलवर भर्तृहरि मेले में एम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल, वीडियो में समझे क्यों कर रहे है पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग

अलवर के भर्तृहरि मेले में सोमवार को एम्बुलेंस कर्मचारियों ने हड़ताल कर शहर का मार्ग प्रभावित कर दिया। यह हड़ताल क्यूआरटी पुलिस के एक 108 एम्बुलेंस चालक से मारपीट करने के विरोध में की गई। अलवर और खैरथल के सभी एम्बुलेंस कर्मियों ने सुबह अपने वाहन लेकर अलवर शहर के भवानी तोप पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।

सूत्रों के अनुसार, हड़तालकारियों ने एम्बुलेंस खड़ी कर दी और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उनका काम मरीजों की जान बचाना है और इस तरह का व्यवहार उनके पेशे के लिए अपमानजनक है। कर्मचारी चाहते हैं कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने जोर देकर कहा कि वे तब तक अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे जब तक संबंधित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड नहीं किया जाता। भर्तृहरि मेले में भारी भीड़ होने के कारण हड़ताल से मेले और आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

अलवर पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ताओं और हड़ताली कर्मचारियों से बयान लिए जा रहे हैं और शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है, लेकिन कर्मचारी अपने न्यायपूर्ण अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि एम्बुलेंस कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करता है बल्कि आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी बाधा डाल सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इस तरह के मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

हड़तालकारियों ने भवानी तोप पर प्रतीकात्मक रूप से अपनी एम्बुलेंस खड़ी कर यह संदेश दिया कि उनके काम और सम्मान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मरीजों की जान बचाना उनका धर्म है और किसी भी तरह की हिंसा या दुर्व्यवहार उन्हें काम करने से रोक नहीं सकता।

स्थानीय लोग और मेले में पहुंचे पर्यटक भी हड़ताल और पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन की वजह से प्रभावित हुए। प्रशासन ने कहा कि जल्द ही मामला सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के साथ बैठक की जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार, अलवर भर्तृहरि मेले में एम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रशासन और पुलिस के लिए एक चुनौती पेश की है। कर्मचारियों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल सस्पेंड किया जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उपाय किए जाएं। हड़ताल और प्रदर्शन ने इस बात पर जोर दिया कि आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।