अलवर पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, फोन पर गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे ऐंठने वाला साइबर ठग गिरफ्तार
राजस्थान के अलवर जिले में पुलिस ने साइबर क्रिमिनल्स के खिलाफ अपना कैंपेन तेज कर दिया है। हाल ही में एक बड़े ऑपरेशन में उन्होंने एक शातिर जालसाज को पकड़ा है जो डिजिटल अरेस्ट के बहाने लोगों से पैसे ऐंठ रहा था।
यह कामयाबी साइबर क्राइम प्रिवेंशन स्क्वॉड की मेहनत से मिली है, जो ऐसे जालसाजों से जनता को बचाने के लिए लगातार काम करता है। आरोपी लंबे समय से फोन पर बड़े अधिकारी बनकर लोगों को धमकाकर उनके पैसे ठग रहे थे। पुलिस को उम्मीद है कि इससे एक बड़े रैकेट का पता चलेगा।
सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गई।
13 जनवरी, 2026 को अलवर साइबर सेल को सूचना मिली कि कुछ जालसाज आम लोगों को फोन करके धमका रहे हैं। वे पुलिस, CBI या दूसरी जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग या किसी बड़े केस से डील करने का दावा करते थे।
अरेस्ट से बचने के लिए उनसे तुरंत पैसे ट्रांसफर करने या डिजिटल अरेस्ट का सामना करने को कहा जाता था। पीड़ित डरकर पैसे दे देंगे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तुरंत टेक्निकल जांच शुरू की और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके आरोपी की पहचान की। टीम ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार होने के बाद, आरोपी ने कड़ी पूछताछ में कबूल किया। उसने डिजिटल ऐप और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके लोगों को फंसाने के लिए नकली सिम कार्ड और अलग-अलग मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था। उसका तरीका पहले डर पैदा करना, फिर उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना और उनसे ऑनलाइन पैसे मांगने के लिए मजबूर करना था। पुलिस ने उसके पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जब्त किए हैं। और राज खोलने के लिए फोरेंसिक टेस्टिंग चल रही है।
बड़े गैंग का शक, जांच तेज
पुलिस का मानना है कि यह आरोपी अकेला नहीं है, बल्कि किसी बड़े साइबर फ्रॉड गैंग का हिस्सा हो सकता है। इसलिए, जांच अब उसी दिशा में आगे बढ़ गई है। टीम पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए हर कड़ी को जोड़ रही है। अलवर पुलिस का कहना है कि साइबर क्राइम को रोकना उनकी पहली जिम्मेदारी है और ऐसा काम जारी रहेगा।
जनता से अनुरोध: सतर्क रहें
अलवर पुलिस ने सभी से अनुरोध किया है कि डिजिटल अरेस्ट या वीडियो कॉल के ज़रिए अरेस्ट की धमकी देने वाले कॉल पर विश्वास न करें। कोई भी असली पुलिस या सरकारी एजेंसी कभी भी फ़ोन पर गिरफ़्तारी नहीं करती है। अगर आपको पैसे मांगने वाले ऐसे कॉल आते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या पास के पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करें। इससे क्रिमिनल्स को पकड़ने और आपको सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। पुलिस ने जनता की सुरक्षा पक्का करने के लिए हर मुमकिन कदम उठाने का वादा किया है।
