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राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की 1107 अंकतालिकाओं में कथित फर्जीवाड़ा, जांच में ACB की एंट्री; शिक्षा विभाग से मांगी रिपोर्ट

राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की 1107 अंकतालिकाओं में कथित फर्जीवाड़ा, जांच में ACB की एंट्री; शिक्षा विभाग से मांगी रिपोर्ट
 
राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की 1107 अंकतालिकाओं में कथित फर्जीवाड़ा, जांच में ACB की एंट्री; शिक्षा विभाग से मांगी रिपोर्ट

राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की 1107 अंकतालिकाओं में कथित फर्जी तरीके से हेरफेर के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एंट्री हो गई है। शिक्षक नेता की शिकायत के बाद एसीबी ने परिवाद दर्ज कर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षक नेता की शिकायत पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) के अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल ने हाल ही में एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की 1107 अंकतालिकाओं में कथित रूप से फर्जी तरीके से हेरफेर किए जाने का आरोप लगाया गया था।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले को दर्ज कर प्रारंभिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शिक्षा विभाग को भेजा गया पत्र

एसीबी ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर कहा है कि यदि विभागीय जांच के दौरान यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के दायरे में आता है, तो पूरी जांच और संबंधित दस्तावेज एसीबी को भेजे जाएं ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

एसीबी ने यह भी स्पष्ट किया है कि विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

1107 अंकतालिकाओं में हेरफेर के आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बड़ी संख्या में अंकतालिकाओं में नियमों के विपरीत बदलाव किए गए। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़ा गंभीर मामला माना जाएगा।

हालांकि, फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

विभागीय जांच भी जारी

सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग पहले से ही इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। अब एसीबी की एंट्री के बाद जांच और अधिक गंभीर हो गई है। विभागीय रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि मामला केवल प्रशासनिक अनियमितता का है या इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध बनता है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

शिक्षा विभाग की जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। यदि जांच में भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़े के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल, एसीबी और शिक्षा विभाग दोनों स्तरों पर मामले की जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।