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जालोर में थाने के भीतर मारपीट का आरोप, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे सुरक्षा मांगने पहुंचे परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

जालोर में थाने के भीतर मारपीट का आरोप, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे सुरक्षा मांगने पहुंचे परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
 
जालोर में थाने के भीतर मारपीट का आरोप, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे सुरक्षा मांगने पहुंचे परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान के जालोर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। एक परिवार ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा की मांग लेकर थाने पहुंचे सदस्यों के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।

बेटे-बेटी के सामने पिता की पिटाई का आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि 31 मई को वे सुरक्षा की मांग को लेकर जिले के एक पुलिस थाने पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने परिवार के मुखिया के साथ कथित तौर पर मारपीट की। आरोप है कि बेटे और बेटी के सामने पिता को लात-घूंसों से पीटा गया तथा उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया।

परिवार का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें धक्का देकर गिरा दिया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

युवती की पीठ पर बेल्ट से मारने का आरोप

पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि परिवार की एक युवती के साथ भी मारपीट की गई। आरोपों के अनुसार, उसकी पीठ पर बेल्ट से वार किए गए, जिससे गंभीर चोटें आईं और पीठ पर गहरे निशान बन गए।

परिवार ने घटना से जुड़े चोटों के निशान दिखाते हुए पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

एसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार

घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजन 2 जून को जालोर एसपी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिवार का कहना है कि वे सुरक्षा की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।

एसपी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

जालोर के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह इंदौरिया ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संबंधित आरोपियों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर पाबंद किया गया है।

उन्होंने बताया कि थाने में मारपीट के आरोपों की भी जांच कराई जा रही है। यदि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आती है और आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस प्रशासन दोनों पक्षों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और आरोपों में कितनी सच्चाई है।

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस थानों में आम नागरिकों के साथ व्यवहार और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। अब पीड़ित परिवार को जांच के निष्कर्ष और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।