राजस्थान पंचायत चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोप पर बवाल, भाजपा-कांग्रेस समर्थकों में चले लाठी-डंडे; कई गांवों में मतदान का बहिष्कार
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दौरान फर्जी वोटिंग के आरोपों को लेकर कई जगह विवाद की स्थिति बन गई। दौसा और भरतपुर जिले के कुछ गांवों में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने की घटना सामने आई। वहीं, कुछ गांवों में चुनावी अनियमितताओं और अन्य नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मतदान के दौरान फर्जी वोटिंग को लेकर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गलत तरीके से वोट डलवाने के आरोप लगाए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और समर्थक आपस में भिड़ गए। इस दौरान लाठी-डंडों से मारपीट हुई, जिससे मतदान केंद्रों के आसपास तनाव का माहौल बन गया।
दौसा और भरतपुर के गांवों में मतदान का बहिष्कार
चुनाव के दौरान दौसा और भरतपुर जिले के कुछ गांवों में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। ग्रामीणों की नाराजगी के चलते कई जगह मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। बहिष्कार के पीछे चुनावी व्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर असंतोष बताया जा रहा है।
फर्जी वोटिंग के आरोपों से बढ़ा तनाव
पंचायत चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोपों ने राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया। भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हुई झड़प के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। मतदान के दौरान इस तरह के विवाद से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठे हैं।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में झड़प में घायल लोगों की संख्या, पुलिस कार्रवाई और बहिष्कार वाले गांवों में मतदान दोबारा शुरू होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
