राजस्थान नर्सिंग काउंसिल में भ्रष्टाचार के आरोप, फुटेज में देंखे शहीद स्मारक पर धरना; रजिस्ट्रार को हटाने और ACB जांच की मांग
जयपुर में राजस्थान नर्सिंग काउंसिल में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मंगलवार को युवा जागृति मंच राजस्थान ने विरोध प्रदर्शन किया। मंच के कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर धरना देकर काउंसिल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और रजिस्ट्रार जोइस कुरियन को पद से हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों और काउंसिल की व्यवस्थाओं की एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB से जांच कराने की मांग भी उठाई।
युवा जागृति मंच के संयोजक ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि राजस्थान नर्सिंग काउंसिल में नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता और संबद्धता देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनका दावा है कि कॉलेजों को काउंसिलिंग सूची में शामिल करने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। मंच का आरोप है कि सभी पात्र संस्थानों की सूची एक साथ जारी करने के बजाय कथित तौर पर जैसे-जैसे राशि आती है, वैसे-वैसे संस्थानों के नाम सूची में शामिल किए जाते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और संबद्धता से संबंधित पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मंच का कहना है कि यदि किसी संस्था को नियमों के विपरीत मान्यता या संबद्धता दी गई है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। साथ ही काउंसिल के स्तर पर लिए गए निर्णयों और दस्तावेजों की भी जांच करने की मांग की गई।
युवा जागृति मंच ने निजी विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों की ओर से संचालित किए जा रहे कथित अवैध नर्सिंग पाठ्यक्रमों का मुद्दा भी उठाया। मंच का आरोप है कि कुछ संस्थानों ने सरकार की आवश्यक एनओसी के बिना नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित किए हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले प्रशिक्षणार्थियों से कथित तौर पर बड़ी रकम वसूली गई। मंच ने ऐसे सभी संस्थानों और पाठ्यक्रमों की जांच कराने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, कथित अनियमितताओं का असर सीधे नर्सिंग शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि नर्सिंग जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पाठ्यक्रमों में नियमों की अनदेखी होने से विद्यार्थियों के सामने भविष्य में मान्यता, पंजीयन और रोजगार से जुड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
मंच ने सरकार से मांग की कि राजस्थान नर्सिंग काउंसिल की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। इसके साथ ही रजिस्ट्रार जोइस कुरियन को पद से हटाकर उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की ACB से जांच कराने की मांग भी दोहराई गई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नर्सिंग शिक्षा में पारदर्शिता और नियमों के पालन की मांग उठाई। मंच ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। हालांकि, लगाए गए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सरकार और राजस्थान नर्सिंग काउंसिल की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
