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अजमेर की एमडीएस यूनिवर्सिटी में परीक्षा की गोपनीयता पर सवाल, फुटेज में देखें छात्रों द्वारा आंसर शीट जांचने का वीडियो वायरल

अजमेर की एमडीएस यूनिवर्सिटी में परीक्षा की गोपनीयता पर सवाल, फुटेज में देखें छात्रों द्वारा आंसर शीट जांचने का वीडियो वायरल
 
अजमेर की एमडीएस यूनिवर्सिटी में परीक्षा की गोपनीयता पर सवाल, फुटेज में देखें छात्रों द्वारा आंसर शीट जांचने का वीडियो वायरल

अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएस यूनिवर्सिटी) में परीक्षा की गोपनीयता और मूल्यांकन प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार को सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कुछ छात्र मजाक करते हुए यूनिवर्सिटी की परीक्षा की आंसर शीट जांचते नजर आ रहे हैं।

वीडियो में साफ तौर पर आंसर शीट का एक बंडल रखा दिखाई देता है। इस दौरान एक छात्रा मजाकिया अंदाज में यह कहते हुए सुनाई दे रही है कि “ऐसी राइटिंग लिखोगे तो मार्क्स नहीं दूंगी।” वीडियो में मौजूद छात्र-छात्राएं पूरी तरह बेफिक्र होकर कॉपियों को पलटते और सवाल-जवाब पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। इस दृश्य ने यूनिवर्सिटी की परीक्षा प्रणाली और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में जिन आंसर शीट्स को जांचा जा रहा है, वे एमडीएस यूनिवर्सिटी की बीए सेमेस्टर-2 (फर्स्ट ईयर) की बताई जा रही हैं। ये कॉपियां ‘हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ विषय की हैं। वीडियो में आंसर शीट पर परीक्षा की तारीख, विषय का नाम और यूनिवर्सिटी का लोगो भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इससे यह पुष्टि होती है कि वीडियो किसी फर्जी दस्तावेज का नहीं, बल्कि वास्तविक परीक्षा कॉपियों का है।

जब इस वीडियो की जांच की गई तो सामने आया कि यह पेपर दो महीने पहले 12 नवंबर को आयोजित हुआ था। वीडियो में जिन सवालों पर छात्र चर्चा कर रहे हैं, वही सवाल उस दिन के प्रश्नपत्र में पूछे गए थे। इससे यह संदेह और गहरा हो गया है कि आंसर शीट्स का मूल्यांकन किसी अधिकृत शिक्षक या परीक्षक के बजाय छात्रों द्वारा किया जा रहा था, जो परीक्षा प्रणाली की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

इस मामले के सामने आने के बाद छात्र संगठनों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। छात्रों का कहना है कि यदि परीक्षा कॉपियों की जांच इस तरह लापरवाही से की जा रही है, तो उनके भविष्य और मेहनत का क्या मूल्य रह जाता है। वहीं, कई लोगों ने इसे छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से इस मामले पर सफाई दी गई है। प्रशासन का कहना है कि वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि आंसर शीट्स छात्रों तक कैसे पहुंचीं और किन परिस्थितियों में यह वीडियो बनाया गया। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में परीक्षा की गोपनीयता सर्वोपरि होती है। आंसर शीट्स का इस तरह खुलेआम और अनधिकृत तरीके से जांचा जाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।